31 मई तक 15 हजार तक पहुंचा रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा,
अहमदाबाद शहर में पालतू श्वानों के लिए अनिवार्य किया गया पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) रविवार से ढाई गुना महंगा हो गया। पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि 31 मई रखी गई थी। अब पंजीकरण के लिए 200 के बदले 500 रुपए चुकाने होंगे। आगामी 30 जून तक यह शुल्क निर्धारित किया गया है। शहर में लगभग 50 हजार श्वान हैं और अब तक 15470 श्वानों का ही पंजीकरण हो सका है।अहमदाबाद शहर के हाथीजण में गत 14 मई को पालतू श्वान के हमले में एक बच्ची की मौत होने के बाद महानगरपालिका के पशु उपद्रव नियंत्रण विभाग (सीएनसीडी) की ओर से कार्रवाई की गई थी। जिस श्वान ने हमला किया था उसका रजिस्ट्रेशन नहीं होने से श्वान के मालिक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई थी। जबकि हमला करने वाले श्वान को सीएनसीडी की टीम ने कब्जे में लिया था, जिसे उपचार के लिए भेजा गया और पिछले दिनों उसकी मौत भी हो गई थी। इस घटना के बाद शहर में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में कुछ हद तक वृद्धि हुई। गत 14 से 31 मई तक 9928 श्वानों का पंजीकरण हुआ था।
शहर में एक जनवरी से 15 मई तक 4874 मालिकों ने 5548 श्वानों के रजिस्ट्रेशन करवाए थे। हाथीजण की घटना के बाद गत 30 मई को सबसे अधिक 925 लोगों ने अपने 1037 श्वानों का रजिस्ट्रेशन करवाया था। 16 मई को 884 लोगों ने 995 श्वानों, 17 मई को 704 मालिकों ने 769, 29 मई को 662 लोगों ने 776 श्वानों और 31 मई को 721 मालिकों ने 872 स्वानों के रजिस्ट्रेशन करवाए। कुल मिलाकर अब तक 13654 लोगों ने 15470 श्वानों का रजिस्ट्रेशन करवाया है। श्वानों का पंजीकरण नहीं कराने की एवज में विभाग की ओर से पहले से ही कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा चुकी है।-----------------
31 मई के बाद रजिस्ट्रेशन कराने वाले श्वान मालिकों को न सिर्फ 300 रुपए अधिक शुल्क चुकाना होगा बल्कि उन्हें नोटिस भी जारी किए जाएंगे। साथ ही 30 जून के बाद रजिस्ट्रेशन शुल्क में भारी वृद्धि भी की जा सकती है। मनपा का ध्येय इस प्रक्रिया से पालतू श्वानों व उनके मालिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए श्वानों की संख्या जानना जरूरी है।
नरेश राजपूत, सीएनसीडी अध्यक्ष