
Ahmedabad गुजरात में पौधरोपण को केवल हरित आवरण बढ़ाने तक सीमित न रखकर दीर्घकालिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 'हरियाली लोकसभा' अभियान के तहत शहर के निकट गोधावी गांव में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में राज्य का सबसे बड़ा महा वन कवच विकसित किया जाएगा। यह परियोजना गुजरात वन विभाग के वन कवच मॉडल पर आधारित होगी, जिसे स्थानीय जलवायु, स्वदेशी वनस्पतियों और जैव विविधता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
शाह के संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में शुरू अभियान के तहत कुल 1.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 60 लाख पौधे अहमदाबाद और गांधीनगर जिलों में वन विभाग के इस मॉडल के माध्यम से लगाए जाएंगे। वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव विनोद राव के अनुसार, इस वर्ष पूरे राज्य में इस मॉडल के तहत 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया जाएगा। इनमें से 600 हेक्टेयर क्षेत्र केवल गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में विकसित होगा, जहां कुल 82 वन कवच तैयार किए जाएंगे।
वन कवच मॉडल जापानी मियावाकी पद्धति से प्रेरित होने के बावजूद स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित किया गया है। मियावाकी मॉडल में प्रति वर्ग मीटर तीन से पांच पौधे लगाए जाते हैं, जबकि वन कवच में प्रति वर्ग मीटर लगभग एक पौधा लगाया जाता है।
इससे पेड़ों को पर्याप्त जगह, सूर्य प्रकाश, नमी और पोषक तत्व मिलते हैं तथा उनकी जड़ें प्राकृतिक रूप से विकसित हो पाती हैं। इस मॉडल में पूरी जमीन की मिट्टी बदलने के बजाय केवल पौधरोपण के गड्ढों को तैयार किया जाता है, जिससे मिट्टी की प्राकृतिक संरचना सुरक्षित रहती है।
वन विभाग के अनुसार, वन कवच का उद्देश्य केवल पेड़ों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्वदेशी प्रजातियों पर आधारित प्राकृतिक जंगल विकसित करना है।