अहमदाबाद

Ahmedabad: शहर के पास गोधावी में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा गुजरात का सबसे बड़ा महा वन कवच

वन विभाग ने इस मॉडल की शुरुआत वर्ष 2023 में 100 हेक्टेयर क्षेत्र से की थी। 2024-25 में इसका दायरा बढ़ाकर 200 हेक्टेयर और 2025-26 में 400 हेक्टेयर कर दिया गया। वर्ष 2026 तक राज्य में विकसित क्षेत्र बढ़कर 600 हेक्टेयर हो चुका है। अब वर्ष 2026-27 में पूरे गुजरात में 500 नए वन कवच विकसित करने की योजना बनाई गई है।
less than 1 minute read
Ahmedabad news
पौधरोपण करते।

Ahmedabad गुजरात में पौधरोपण को केवल हरित आवरण बढ़ाने तक सीमित न रखकर दीर्घकालिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 'हरियाली लोकसभा' अभियान के तहत शहर के निकट गोधावी गांव में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में राज्य का सबसे बड़ा महा वन कवच विकसित किया जाएगा। यह परियोजना गुजरात वन विभाग के वन कवच मॉडल पर आधारित होगी, जिसे स्थानीय जलवायु, स्वदेशी वनस्पतियों और जैव विविधता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

शाह के संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में शुरू अभियान के तहत कुल 1.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 60 लाख पौधे अहमदाबाद और गांधीनगर जिलों में वन विभाग के इस मॉडल के माध्यम से लगाए जाएंगे। वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव विनोद राव के अनुसार, इस वर्ष पूरे राज्य में इस मॉडल के तहत 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया जाएगा। इनमें से 600 हेक्टेयर क्षेत्र केवल गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में विकसित होगा, जहां कुल 82 वन कवच तैयार किए जाएंगे।

वन कवच मॉडल स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप

वन कवच मॉडल जापानी मियावाकी पद्धति से प्रेरित होने के बावजूद स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित किया गया है। मियावाकी मॉडल में प्रति वर्ग मीटर तीन से पांच पौधे लगाए जाते हैं, जबकि वन कवच में प्रति वर्ग मीटर लगभग एक पौधा लगाया जाता है।

इससे पेड़ों को पर्याप्त जगह, सूर्य प्रकाश, नमी और पोषक तत्व मिलते हैं तथा उनकी जड़ें प्राकृतिक रूप से विकसित हो पाती हैं। इस मॉडल में पूरी जमीन की मिट्टी बदलने के बजाय केवल पौधरोपण के गड्ढों को तैयार किया जाता है, जिससे मिट्टी की प्राकृतिक संरचना सुरक्षित रहती है।

वन विभाग के अनुसार, वन कवच का उद्देश्य केवल पेड़ों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्वदेशी प्रजातियों पर आधारित प्राकृतिक जंगल विकसित करना है।

Updated on:
10 Jul 2026 08:58 pm
Published on:
10 Jul 2026 08:58 pm