Ahmedabad. आइसीएआइ की ओर से जनवरी महीने में ली गई इंटरमीडिएट परीक्षा के परिवार को घोषित परिणाम में सिक्युरिटी गार्ड के बेटे ने नाम रोशन किया है। अहमदाबाद में सिक्युरिटी गार्ड का काम करने वाले जितेंद्र प्रजापति के बेटे गौरव ने देश में 29वीं रैंक पाई है। गौरव ने 600 में से 443 अंक पाए। […]
Ahmedabad. आइसीएआइ की ओर से जनवरी महीने में ली गई इंटरमीडिएट परीक्षा के परिवार को घोषित परिणाम में सिक्युरिटी गार्ड के बेटे ने नाम रोशन किया है। अहमदाबाद में सिक्युरिटी गार्ड का काम करने वाले जितेंद्र प्रजापति के बेटे गौरव ने देश में 29वीं रैंक पाई है।
गौरव ने 600 में से 443 अंक पाए। मूलरूप से महेसाणा के कनोडा गांव निवासी हाल अहमदाबाद में रहने वाले गौरव ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वे ऑल इंडिया में रैंक लाएंगे। ग्रुप 1 के पेपर इतने कठिन थे कि उन्होंने ग्रुप 2 के पेपर नहीं देने का मन बनाया था, लेकिन फिर अच्छे सेतैयारी कर परीक्षा दी। आखिरकार वह उत्तीर्ण हुए। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट में सफलता के लिए जरूरी है कि विद्यार्थी तीन से चार बार रिवीजन करे। उससे भी अहम बात यह है कि जितना पढ़ो उसे ऐसे पढ़ो कि अच्छे से वह समझ आ जाए। उन्होंने 10 साल के पेपर को भी देखा था।
अहमदाबाद. सीए इंटरमीडिएट परीक्षा के रविवार को घोषित परिणाम में डायमंड वर्कर के बेटे ने अपने परिवार और अहमदाबाद का मान बढ़ाया है। उसने इंटरमीडिएट के ऑल इंडिया टॉप-50 विद्यार्थियों की सूची में अपना नाम दर्ज कराने में सफलता पाई है। मूलरूप से अमरेली जिले के मोटा आंकडिया निवासी हाल ठक्करनगर में रहने वाले रमेशभाई सखवाळा के बेटे वैभव ने इंटरमीडिएट परीक्षा में 600 में से 419 अंक पाए। वैभव बताते हैं कि सफलता के लिए जरूरी है कि विद्यार्थी पेपर लिखने पर ध्यान दें क्योंकि पेपर में लिखना काफी होता है। पुराने पेपर को जितना हो सकें हल करें। यह काफी मददगार साबित होता है। कंसेप्ट को क्लियर करने पर जोर दें।