अहमदाबाद

असारवा रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट, एस्केलेटर, रैंप के अभाव में यात्री परेशान

अहमदाबाद. शहर के असारवा रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट, एस्केलेटर और रैंप के अभाव में यात्री परेशान हाे रहे हैं। बुजुर्ग, महिला सहित यात्रियों को सिर पर सामान रखकर सीढियां चढ़ने - उतरने की मजबूरी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति तब है जब असारवा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है। इस कार्य के तहत स्टेशन के भवन को नया रूप दिया गया है। टिकट काउंटर, पार्किंग, प्लेटफार्म पर पहुंचने के लिए रैंप आदि सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इनके बावजूद अब तक प्लेटफार्मों पर मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।

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असारवा रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट, एस्केलेटर और रैंप के अभाव में यात्री सिर पर सामान रखकर सीढियां चढ़ने - उतरने को मजबूर हो रहे हैं।

पत्रिका अभियान : बुजुर्ग, महिला सहित यात्रियों को सिर पर सामान रखकर सीढियां चढ़ने - उतरने की मजबूरी, भवन को नया रूप लेकिन प्लेटफार्म पर मूलभूत सुविधाएं नहीं

अहमदाबाद. शहर के असारवा रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट, एस्केलेटर और रैंप के अभाव में यात्री परेशान हाे रहे हैं। बुजुर्ग, महिला सहित यात्रियों को सिर पर सामान रखकर सीढियां चढ़ने - उतरने की मजबूरी का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसी स्थिति तब है जब असारवा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है। इस कार्य के तहत स्टेशन के भवन को नया रूप दिया गया है। टिकट काउंटर, पार्किंग, प्लेटफार्म पर पहुंचने के लिए रैंप आदि सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इनके बावजूद अब तक प्लेटफार्मों पर मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।
असारवा स्टेशन पर 20 ट्रेनों का आवागमन होता है। इनमें सवार होकर जारों यात्री आते हैं और गंतव्य के लिए प्रस्थान करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिला यात्री भी होते हैं। इस स्टेशन पर एक से दूसरे प्लेटफार्म पर आने-जाने के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और रैंप का अभाव है। इस कारण हर वर्ग के यात्रियों को अपना सामान हाथ में व सिर पर रखकर और छोटे बच्चों को गोद में लेकर सीढियां चढ़ने-उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

शेड, पेयजल के अभाव में गर्मी में हो रहे बेहाल

इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। इस स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 2-3 पर यात्रियों के लिए शेड का अभाव है। इस कारण यात्रियों को दोपहर के समय तपती धूप में ट्रेन तक पहुंचने और ट्रेन से उतरकर स्टेशन के बाहर तक जाना पड़ता है। साथ ही प्लेटफार्मों पर पेयजल के लिए सार्वजनिक नल के अभाव में यात्रियों को पानी भी खरीदकर पीना पड़ता है।

सार्वजनिक शौचालय की कमी

स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 2-3 पर यात्रियों के लिए सार्वजनिक शौचालय, मूत्रालय की कमी है। इस कारण विशेष तौर पर महिला यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस समस्या को लेकर अहमदाबाद रेल मंडल के जन संपर्क अधिकारी अजय सोलंकी से पूछने पर उन्होंने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी।

25 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट पर काम जारी

25 करोड़ की अनुमानित लागत से पुनर्विकास प्रोजेक्ट का उद्देश्य सुविधाओं को उन्नत करना है। इनमें नया स्टेशन भवन, बेहतर सर्कुलेटिंग एरिया और यात्रियों के लिए 40 फीट चौड़ा फुट ओवर ब्रिज, एयरपोर्ट सरीखी सुविधाएं, बेहतर पार्किंग आदि शामिल हैं। साथ ही भविष्य में यात्री क्षमता लगभग 1 लाख तक करने का उद्देश्य है। पुनर्विकास कार्य का वर्चुअली शिलान्यास 3 वर्ष पहले किया गया था। इस समस्या को लेकर अहमदाबाद रेल मंडल के जन संपर्क अधिकारी अजय सोलंकी से पूछने पर उन्होंने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी।

Published on:
05 May 2026 10:00 pm
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