अहमदाबाद

Balvatika redevelopment: कांकरिया लेकफ्रंट में बाल वाटिका का पुन र्विकास कर बदला जाएगा स्वरूप

अहमदाबाद के कांकरिया लेक फ्रंट स्थित बाल वाटिका के पुनर्विकास का काम शुरु होने जा रहा है। आधुनिकीकरण के जरिए वाटिका के स्वरूप को बदला जाएगा। इसमें स्नो पार्क, वैक्स म्यूजियम, लेजी रिवर जैसे लगभग सात नए आकर्षण जोड़े जाने वाले है। 15 करोड़ की लागत से यह काम पूरा किया जाएगा। पांच जून से बाल वाटिका को दर्शकों के लिए भी बंद कर दिया है।
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Balvatika redevelopment
कांकरिया लेक फ्रंट स्थित बाल वाटिका के पुनर्विकास का काम शुरु होने जा रहा

कांकरिया लेक फ्रंट स्थित बाल वाटिका को अहमदाबाद नगर निगम एक अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन केंद्र के रूप में पुनर्विकसित करने जा रही है। नवीनीकरण और विकास के लिए इसका पूरा मानचित्र व प्लान भी तैयार हो चुका है।

कांकरिया लेक फ्रंट पर अभी कई अलग-अलग गतिविधियां की जाती हैं। बालवाटिका छोटे बच्चों से लेकर बाकी सभी के लिए भी आकर्षण का केंद्र रही है। इसके बनने से लेकफ्रंट के मोर्चे में एक और नया व बेहतरीन आकर्षण जुड़ने जा रहा है।

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने इस परियोजना की घोषणा के बाद बालवाटिका को 5 जून से आगंतुकों के लिए बंद कर दिया है। यहां पर नवीनीकरण कार्य शुरू होगा। इसे ऐसे नवीनीकृत किया जाएगा जिससे यहां बच्चे मनोरंजन के साथ ज्ञान भी प्राप्त कर सकें।

बालवाटिका के आधुनिकीकरण के लिए निविदा प्रक्रिया कर एक निजी एजेंसी को यह कार्य सौंपा गया है। एएमसी की मनोरंजन, सांस्कृतिक और विरासत समिति के अध्यक्ष जयेश त्रिवेदी के अनुसार नवीनीकरण कार्य पूरा होने के बाद बालवाटिका फिर से खुल जाएगी।

एएमसी की मनोरंजन, सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष जयेश त्रिवेदी के अनुसार काम एजेंसी को हैंडओवर करने के एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

क्या होंगे नएआकर्षण

  बालवाटिका में स्नो पार्क, वैक्स म्यूजियम, शू हाउस, लेजी रिवर, ग्लो हाउस, मिरर हाउस, ट्रैफिक पार्क जैसे कई आकर्षण बनाए जाऐंगे। किड्स गो कार्ड और मड बाइक की सुविधा भी यहां पर सुनिश्चित की जाएगी। बाल वाटिका के प्रवेश द्वार को चिल्ड्रन की थीम पर नए सिरे से तैयार किया जाएगा। अंदर प्रवेश करने के साथ ही बच्चों को उनके पसंदीदा किरदार व प्राणियों के पुतले देखने को मिलेंगे। यहां पर लैंडस्केप गार्डन भी तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जूता घर (शूज हाऊस) बनाया जाएगा।

इसे पीपीपी मॉडल पर 15 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जाएगा। झील के किनारे चिड़ियाघर, तितली पार्क, बालवाटिका, फूड कोर्ट सहित कई चीजें पहले ही हैं।

यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। बालवाटिका का निर्माण वर्ष 1956 में यानी 68 साल पहले  किया गया था। पुनर्विकास में मौजूदा गतिविधियों में भी सुधार किया जाएगा। जबकि कुछ नई और आधुनिक गतिविधियां भी जोड़ी जाएंगी। यह कार्य अगली गर्मियों तक पूरा होने की संभावना है, उसके बाद इसे फिर से खोल दिया जाएगा।

Updated on:
10 Jun 2024 03:47 pm
Published on:
10 Jun 2024 03:47 pm