
राजकोट। लोधिका सहकारी संघ के चुनाव में भाजपा की निर्विरोध चुनाव कराने की कोशिशों के बावजूद पांच सीटों पर मुकाबला तय हो गया है। त्रंबा, माधापर, पाडासण, कुवाडवा और खोखड़दड़ सीटों पर दो-दो उम्मीदवार मैदान में हैं। इन सीटों पर पार्टी के घोषित उम्मीदवारों के सामने दूसरे दावेदारों के मैदान में डटे रहने से भाजपा के भीतर बगावत की स्थिति बन गई है। भाजपा ने बुधवार शाम को लोधिका सहकारी संघ चुनाव के लिए अपने आधिकारिक उम्मीदवारों के नाम तय किए थे।
इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने अन्य उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर नामांकन पत्र वापस लेने के लिए कहा। अधिकांश उम्मीदवारों ने पार्टी के निर्देश मानते हुए अपने नामांकन वापस ले लिए, लेकिन पांच सीटों पर दावेदार पीछे नहीं हटे। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तारीख गुरुवार को चांदली से मनसुख सरधारा, कोठा पीपलिया से संजयभाई, खांभा से गोपालसिंह जाडेजा, सणोसरा से अश्विन लिंबासिया, तरघड़िया से लखमण परसाणा और सांगणवा से छगन पटोलिया निर्विरोध चुने गए। इसके अलावा सरधार से नितिन ढांकेचा, खीरसरा से नरेंद्रसिंह जाडेजा, हडमतिया से मनुभाई डांगर और मघरवाड़ा से परसोत्तमभाई भी निर्विरोध चुने गए।
सूत्रों के अनुसार भाजपा ने त्रंबा से नितिन रैयाणी, माधापर से घोघुभा जाडेजा, पाडासण से महेश आसोदरिया, कुवाडवा से अरविंद रैयाणी और खोखड़दड़ से बाबू नशीट को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इन सीटों से चुनाव लड़ रहे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लेने से इनकार कर दिया। अंतिम समय तक उन्हें मनाने के प्रयास किए गए, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इससे लोधिका सहकारी संघ के चुनाव में भाजपा के सामने खुली चुनौती की स्थिति बन गई है। सहकारी क्षेत्र में इस चुनाव को लेकर जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक राजनीतिक जोड़तोड़ की चर्चा है। विधायक जयेश रादडिया और प्रदेश महामंत्री प्रशांत कोराट के बीच भी प्रतिष्ठा का सवाल जुड़े होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, इन राजनीतिक समीकरणों को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
लोधिका सहकारी संघ की पांच सीटों के लिए 8 सितंबर को मतदान होगा और 9 सितंबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे। मतदान त्रंबा, माधापर, पाडासण, कुवाडवा और खोखड़दड़ समूह की सीटों पर होगा। इन पांच सीटों के परिणाम से सहकारी संघ में राजनीतिक प्रभाव और नेतृत्व की स्थिति भी काफी हद तक साफ हो जाएगी।