टॉपर्स ने सफलता के लिए निरंतरता के साथ पढाई, रिवीजन को बताया अहम।
Ahmedabad. द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की ओर से जनवरी 2025 में ली गई सीए इंटरमीडिएट परीक्षा का मंगलवार को परिणाम घोषित कर दिया गया। अहमदाबाद सेंटर के 7 विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया टॉप -50 विद्यार्थियों की सूची में नाम दर्ज कराया है। इनमें विधि तलाटी 12वीं ऑल इंडिया रैंक, जैशिल शाह 24वीं रैंक, वंश पटेल 25वीं रैंक, श्रेयांश खंधार 39वीं रैंक, जीत गज्जर 41वीं रैंक, हेत पटेल 44वीं रैंक और सुशांत रेलवानी 47वीं रैंक शामिल हैं। टॉपर्स ने सफलता के लिए निरंतरता के साथ पढ़ाई और रिवीजन को महत्वपूर्ण बताया है।
इंटरमीडिएट में 600 में से 489 अंक पाकर देश में 12वीं रैंक लाने वाली विधि तलाटी का कहना है कि सफलता के लिए निरंतरता से पढाई करना और कंसेप्ट को समझने पर ध्यान देना जरूरी है। पुराने पेपरों को हल करने से मदद मिलती है। पेपर के उत्तर को लिखने की प्रेक्टिस भी करनी चाहिए। विधि के भाई ध्रुविन सितंबर-2021 में सीए, वर्ष 2020 में सीएस बन चुके हैं। वे भी भाई की तरह प्रेक्टिस करना चाहती हैं। पिता पंकज कुमार सरकारी शिक्षक हैं। मूलरूप से आणंद जिले के ओड गांव की रहने वाली विधि ईसनपुर में रहती हैं।
इंटरमीडिएट में 600 में से 474 अंक के साथ देश में 24 वीं रैंक लाने वाले जैशिल शाह के नाना, मामा सभी सीए हैं। वे बताते हैं कि सफलता में रिवीजन और मॉक टेस्ट काफी मददगार होते हैं। यह प्रश्न किस प्रकार से पूछे जाएंगे उसकी समझ देते हैं। एक पेपर देने के बाद पीठ दर्द शुरू होने से दवाई, इंजेक्शन लेकर बाकी के पेपर दिए। पढाई के साथ खुद को तरोताजा भी रखना चाहिए।
कच्छ जिले के आदिपुर के मूलनिवासी जीत गज्जर और उनकी बहन विधि दोनों ने जनवरी 2025 में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी। मंगलवार को आए परिणाम में दोनों सफल हुए। जीत ने अहमदाबाद से परीक्षा देते हुए 600 में से 456 अंक पाकर देश में 41वीं रैंक पाई है। पिता दीपक अकाउंटेंट हैं। जीत बताते हैं कि विद्यार्थियों को बिना किसी दबाव के तैयारी करनी चाहिए। रोज का टार्गेट तय कर उसे पूरा करना चाहिए। इंस्टीट्यूट मटीरियल अपने आप में पर्याप्त है।
600 में से 453 अंक पाकर देश में 44 वीं रैंक लाने वाले हेत पटेल बताते हैं कि सफलता के लिए जरूरी है कि आप बिना किसी दबाव के तैयारी करें। पढाई भी उतने घंटे करनी चाहिए जब तक मन लगे। पुराने पेपर से मदद मिलती है। मौसा सीए हैं। चार माह कड़ी मेहनत की। एक महीने तो फोन तक छोड़ दिया था।
600 में से 450 अंक पाकर देश में 47वीं रैंक लाने वाले सुशांत रेलवानी ने कहा कि उनकी बड़ी बहन नम्रता नवंबर 2024 में सीए बनी हैं। उनका मार्गदर्शन मिला। वे कहते हैं कि विद्यार्थियों को हर 15 दिन में रिवीजन करते रहना चाहिए। इससे पेपर के समय लोड नहीं रहता है। पुराने पेपर से यह समझने में मदद मिलती है कि किस प्रकार से प्रश्न आएंगे।