शिक्षा विभाग की मंजूरी मांगी, 80 अंकोंं की परीक्षा, 20 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन
वडोदरा. गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (जीएसएचएसईबी) की ओर से 9वीं व 10वीं कक्षा में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षा पद्धति लागू करने के लिए जीएसएचएसईबी की ओर से शिक्षा विभाग की मंजूरी मांगी गई है।
गुजरात बोर्ड में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकें व सीबीएसई का पाठ्यक्रम है लागू
सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पाठ्य पुस्तकें व सीबीएसई का पाठ्यक्रम जीएसएचएसईबी की ओर से भी लागू किया जा चुका है। अब जीएसएचएसईबी से सम्बद्ध स्कूलों में सीबीएसई की परीक्षा पद्धति भी लागू करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है।
सूत्रों के अनुसार वर्तमान समय में ऐसे स्कूलों में 9वीं व 10वीं कक्षा में विद्यार्थी के परिणाम में परीक्षा के 70 प्रतिशत व आन्तरिक मूल्यांकन के 30 अंक का भार होता है। फेरबदल के बाद विद्यार्थी के परिणाम में परीक्षा के 80 व आन्तरिक मूल्यांकन के 20 अंक का भार होगा। सूत्रों के अनुसार इस वर्ष 9वीं व अगले वर्ष 10वीं कक्षा में यह पद्धति लागू करने की जानकारी दी गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष जीएसएचएसईबी की परीक्षा समिति की ओर से प्रस्तुति भी दी जा चुकी है।
चार वर्ष पहले ही परीक्षा पद्धति बदलने का दावा
वडोदरा शहर के एक अनुदानित स्कूल के प्राचार्य ने दावा करते हुए कहा कि इससे पहले, स्कूलों में 80 अंक की परीक्षा व 20 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन की पद्धति लागू थी। चार वर्ष पहले ही सरकार की ओर से आन्तरिक मूल्यांकन का भार बढ़ाकर 30 अंक का कर दिया गया।
चार वर्ष पहले ही परीक्षा पद्धति बदलने का दावा : वडोदरा शहर के एक अनुदानित स्कूल के प्राचार्य ने दावा करते हुए कहा कि इससे पहले, स्कूलों में 80 अंक की परीक्षा व 20 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन की पद्धति लागू थी। चार वर्ष पहले ही सरकार की ओर से आन्तरिक मूल्यांकन का भार बढ़ाकर 30 अंक का कर दिया गया।