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Ahmedabad: साणंद में होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स करेगी 700 करोड़ का निवेश

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर में कंपनी के प्रतिनिधियों को सौंपा ऑफर कम अलॉटमेंट लेटर, प्लांट को लेकर की चर्चा, माइक्रोन कंपनी की सप्लाई पार्टनर है यह कंपनी

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गांधीनगर में होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के प्रतिनिधि को प्लांट के लिए ऑफर कम अलॉटमेंट लेटर प्रदान करते गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष  संघवी। 

Ahmedabad. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को ‘वैश्विक सेमीकंडक्टर पावरहाउस’ बनाने के विज़न को साकार करने की दिशा में गुजरात ने एक और ठोस कदम उठाया है।

अहमदाबाद जिले के साणंद जीआइडीसी में विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर हब में मलेशिया की अग्रणी कंपनी होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स ने भी एडवांस सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने की घोषणा की है। इस परियोजना के तहत कंपनी ने आगामी दस वर्षों में लगभग 700 करोड़ रुपए का निवेश करने का ऐलान किया है।

गुजरात की राजधानी गांधीनगर में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के साथ होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। निवेश पर सहमती बनने पर उपमुख्यमंत्री ने कंपनी के प्रतिनिधियों को ऑफर कम अलॉटमेंट लेटर (ओसीए) प्रदान किया है।

पांच हेक्टेयर जमीन की आवंटित

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार ने कंपनी को साणंद-II जीआइडीसी में पांच हेक्टेयर भूमि आवंटित की है। इस सुविधा में अत्याधुनिक डीआरएएम मेमोरी मॉड्यूल्स, सॉलिड-स्टेट ड्राइव्स (एसएसडी), सर्वर और डेटा सेंटर मेमोरी मॉड्यूल्स के साथ-साथ ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे एलईडी लाइटिंग और इंफोटेनमेंट मॉड्यूल्स का उत्पादन किया जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम होगा मजबूत

होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स वैश्विक सैमीकंडक्टर दिग्गज कंपनी माइक्रोन की प्रमुख सप्लाई चेन पार्टनर है। इस निवेश से गुजरात में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और मजबूत होगा। उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और एआइ-संचालित ऑटोमेशन तकनीक के उपयोग से स्थानीय स्तर पर तकनीकी प्रगति होगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात अपनी श्रेष्ठ इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं और उद्योग-सानुकूल नीतियों के कारण वैश्विक टेक कंपनियों की पहली पसंद बन चुका है। होतायी का यह निवेश ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई गति देगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश को लाभ होगा। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, जिससे भारत की वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में स्थिति मजबूत होगी। साथ ही, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।