इस मशीन से अब मरीजों को और सटीक व सुरक्षित तरीके से जटिल ईएनटी सर्जरी एवं उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।राज्य की शहरी विकास एवं शहरी आवास मंत्री दर्शना वाघेला, अहमदाबाद पश्चिम के सांसद दिनेश मकवाणा ने गुरुवार को इस मशीन का लोकार्पण किया। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) सहयोग से लाई गई इस मशीन की कीमत लगभग दो करोड़ रुपए है।

Ahmedabad: सरकारी अस्पतालों में उपचार सुविधाओं को नई तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में अहमदाबाद सिविल अस्पताल को और एक आधुनिक मशीन मिली है। अस्पताल के कान नाक व गला (ईएनटी) विभाग में दो करोड़ रुपए की अत्याधुनिक सीओ-2 लेजर मशीन का गुरुवार को लोकार्पण किया गया।
इस मशीन के माध्यम से उन मरीजों को लाभ होगा जो निजी अस्पतालों का खर्च वहन नहीं कर सकते। इस तरह के मरीजों को सिविल अस्पताल में उसी तकनीक से आपरेशन हो सकेगा। सरकारी केंद्रों की तुलना में इस तरह की मशीन निजी अस्पतालों में ज्यादा होती हैं।
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि यह मशीन ईएनटी विभाग के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। इसके माध्यम से गले, स्वरपेटी (वोकल कॉर्ड), नाक, कान और मुंह से संबंधित विभिन्न रोगों की सर्जरी अधिक सटीकता, सुरक्षा और वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी। विशेष रूप से गले के कैंसर, ट्यूमर और वोकल कॉर्ड संबंधी जटिल बीमारियों के उपचार में यह तकनीक अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
सर्जरी के दौरान व्यर्थ बहने वाले रक्त में आएगी कमीउन्होंने बताया कि सीओ-2 लेजर तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि सर्जरी के दौरान रक्तस्राव में उल्लेखनीय कमी आती है। अत्यंत नाजुक तथा जटिल ऑपरेशन भी अधिक आसानी से किए जा सकते हैं। आमतौर पर सर्जरी के दौरान कई बार रक्तस्राव ज्यादा हो जाता है। इस तकनीक से मरीजों को कम दर्द होगा, संक्रमण का खतरा कम रहेगा और उनकी रिकवरी भी तेजी से होगी। अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि कम होगी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ भी घटेगा।सरकारी अस्पताल में सुविधा से गरीब मरीजों को होगा लाभ
डॉ. जोशी ने कहा कि अभी तक ऐसी अत्याधुनिक सुविधाएं मुख्य रूप से निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध थीं, लेकिन अब आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय मरीजों को भी सरकारी अस्पताल में विश्वस्तरीय ईएनटी सर्जरी का लाभ मिल सकेगा।