Ahmedabad news : शहर के सिविल अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने 48 वर्षीय महिला के गले में फंसी सेफ्टी पिन को ऑपरेशन कर सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। महिला दांत साफ करते समय अचानक मिर्गी का दौरा पड़ने से सेफ्टी पिन निगल गई थी, जो अन्ननली में जाकर फंस गई। स्थिति गंभीर थी, क्योंकि थोड़ी […]
Ahmedabad news : शहर के सिविल अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने 48 वर्षीय महिला के गले में फंसी सेफ्टी पिन को ऑपरेशन कर सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। महिला दांत साफ करते समय अचानक मिर्गी का दौरा पड़ने से सेफ्टी पिन निगल गई थी, जो अन्ननली में जाकर फंस गई। स्थिति गंभीर थी, क्योंकि थोड़ी भी देरी जानलेवा साबित हो सकती थी। समय रहते यह उपचार संभव हो सका था।जानकारी के अनुसार 15 जनवरी को महिला को गंभीर अवस्था में सिविल अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में लाया गया। एक्स-रे जांच में पता चला कि सेफ्टी पिन अन्ननली में नीचे तक पहुंच गई थी। इस पिन को बाहर निकालने के लिए तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।
सिविल अस्पताल के कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभाग की अध्यक्ष डॉ. इला उपाध्याय और एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. भावना रावल की टीम ने 16 जनवरी को यह ऑपरेशन किया।इसोफैगोकॉपी तकनीक का उपयोग कर सेफ्टी पिन को बिना किसी अन्य हिस्से को नुकसान पहुंचाए सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। विभागाध्यक्ष डॉ.इला ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत पूरी तरह सामान्य हो गई है और अब वह बिना किसी परेशानी के भोजन कर सकती है।
डॉ.इला ने बताया कि मानसिक बीमारी या मिर्गी की समस्या वाले मरीजों को धारदार वस्तुओं से दूर रहना चाहिए, क्योंकि ऐसी घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं। इस सफल ऑपरेशन में अस्पताल टीम की कुशलता और आधुनिक तकनीक की अहम भूमिका रही।क्या है इसोफैगोकॉपी तकनीक
इसोफैगोकॉपी एक चिकित्सीय प्रक्रिया है, जिसमें डॉक्टर कैमरे से युक्त पतली नली (एंडोस्कोप) और लाइट का उपयोग कर इस तरह का ऑपरेशन किया जाता है। इस नली को मुंह से अन्ननली में पहुंचाया जाता है। इसकी मदद से फंसी वस्तु को निकाला जा सकता है। इसका उपयोग विविध तरह की जांच में भी किया जाता है।