अहमदाबाद

Gujarat: शाला प्रवेशोत्सव, कन्या केळवणी से ड्रॉपआउट दर 37 से घटकर 1 फीसदी से भी कम: सीएम

जिस स्कूल से पढ़े प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महेसाणा जिले के वडनगर स्थित उसी बी.एन.हाईस्कूल से मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवाल को कराया तीन दिवसीय शाला प्रवेशोत्सव का आगाज
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CM Bhupendra Patel
महेसाणा जिले के वडनगर स्थित बी.एन.हाईस्कूल से शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ कराते मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल।

Ahmedabad. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को ‘शाला प्रवेशोत्सव’ के 24वें संस्करण का वडनगर के बी.एन. हाईस्कूल से आगाज कराया। यह वही स्कूल है, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की थी। मेहसाणा जिले के वडनगर के ऐतिहासिक बी.एन. हाईस्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में 390 बच्चों का स्कूल में नामांकन किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जीवन इस बात की मिसाल है कि एक साधारण परिवार का विद्यार्थी भी अपनी मेहनत, संकल्प और शिक्षा के दम पर जीवन में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है। उनके नेतृत्व में शिक्षा, कौशल और विकास के क्षेत्र में नए अवसर खुले हैं।

उन्होंने कहा कि 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी ने शाला प्रवेशोत्सव और कन्या केळवणी अभियान शुरू किए थे। इसके परिणामस्वरूप राज्य के शिक्षा क्षेत्र में आमूल बदलाव आया है। आज स्कूलों में नामांकन दर 100 फीसदी तक पहुंच गई है और ड्रॉपआउट दर घटकर 1 फीसदी से भी हो गई। बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले 24 बच्चों को ढूंढ़कर उनका फिर से दाखिला कराने वाले शिक्षकों के प्रयासों को सीएम ने सराहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी और शिक्षकों के निरंतर प्रयासों के चलते स्कूल छोड़ चुके बच्चों को ढूंढ़कर उन्हें फिर से शिक्षा के साथ जोड़ा जा रहा है। बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘नमो लक्ष्मी’ और ‘नमो सरस्वती’ जैसी योजनाएं क्रियान्वित की हैं। ‘नमो लक्ष्मी’ योजना के भी लागू की है।

मोबाइल, टीवी का करें सीमित उपयोग

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें मोबाइल और टीवी का सीमित उपयोग करना चाहिए। पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना चाहिए। समय का उचित आयोजन, माता-पिता का आदर और शिक्षा के प्रति निष्ठा के जरिए जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम की विशेषता रही कि मंच संचालन, महानुभावों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन जैसी सारी व्यवस्थाएं स्कूल के विद्यार्थियों ने ही संभाली। सीएम ने इसे सराहा। विद्यार्थियों ने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी के एक भाग के रूप में यातायात के नियमों का पालन करने की प्रतिज्ञा ली। स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) और संचालक मंडल के सदस्यों के साथ बैठक करके शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर परामर्श किया।

Published on:
23 Jun 2026 10:07 pm