
Ahmedabad news: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) को लेकर कांग्रेस ने गुजरात सरकार पर राजनीतिक हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के बार-बार आग्रह और केंद्रीय कृषि मंत्री के पत्र के बावजूद राज्य सरकार ने वर्ष 2019-20 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू नहीं की। इसका खामियाजा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित बड़ी संख्या में किसानों को भुगतना पड़ा, जिन्हें पूरा मुआवजा मिलने के बजाय सीमित राहत से ही संतोष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में यह योजना लागू है लेकिन गुजरात में ही नहीं है जिससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है।
गोहिल ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री की 25 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र की प्रति जारी करते हुए दावा किया कि पत्र में गुजरात सरकार से योजना तत्काल लागू करने का आग्रह किया गया था। उन्होंने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों के किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं, लेकिन गुजरात इसके दायरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बेमौसम बारिश और अतिवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का मुद्दा उन्होंने राज्यसभा में उठाया था। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने लिखित रूप से स्वीकार किया कि गुजरात सरकार की ओर से योजना लागू नहीं किए जाने के कारण राज्य के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा नहीं दिया जा सका।
पूर्व राज्यसभा सांसद का कहना है कि इस योजना में बुवाई से लेकर तैयार फसल तक प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान का व्यापक बीमा कवर मिलता है। इसमें अनाज के अलावा सब्जियां और बागवानी फसलें भी शामिल हैं। यदि गुजरात सरकार ने योजना स्वीकार की होती तो पिछले वर्ष किसानों को हुए करोड़ों रुपए के नुकसान की कहीं अधिक भरपाई हो सकती थी। कांग्रेस ने राज्य सरकार से किसानों से माफी मांगने, गत वर्ष के नुकसान का पूरा मुआवजा देने तथा अल नीनो और बारिश की अनिश्चितता को देखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को तत्काल गुजरात में लागू करने की मांग की है। साथ ही यह भी पूछा है कि जब केंद्रीय कृषि मंत्री स्वयं योजना के लाभ गिना चुके हैं, तो आखिर गुजरात में इसे लागू क्यों नहीं किया गया।