किसान आक्रोश रैली, विधानसभा का घेराव भी
अहमदाबाद. गुजरात की भाजपा सरकार को कांग्रेस विधानसभा के बाहर और अंदर मंगलवार को घेरेगी। जहां किसानों की कर्ज माफी, मूंगफली कांड समेत जनता की समस्याओं को कांग्रेस विधायक सदन में उठाएंगी। वहीं गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के बैनर तले गांधीनगर में सेक्टर-६ स्थित सत्याग्रह छावनी पर किसान आक्रोश रैली होगी। बाद में किसानों के साथ कांग्रेसी कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करेंगे। इससे पूर्व कांग्रेस के विधायकों और राज्यसभा सांसदों की बैठक भी बुलाई गई थी, जिसमें विधानसभा घेरने की रणनीति बनाई गई। इसके लिए अलग-अलग विधायकों को जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने सोमवार को विधानसभा घेरने और किसान आक्रोश रैली की संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुजरात में दो दशकों से ज्यादा और केन्द्र में चार वर्षों से भाजपा की सरकार है, लेकिन भाजपा सरकार ने जनता से जो वायदे किए उनके पूरा करने में खरी नहीं उतरी। किसानों की हालत खस्ताहाल है। किसानों को उनकी फसलों की पर्याप्त दाम नहीं मिलते। फसल बीमा नहीं मिलता। पर्याप्त बिजली नहीं मिलती। किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए कांग्रेस के बैनर तले मंगलवार को किसान आक्रोश रैली होगी।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष परेश धानाणी ने बताया कि भाजपा सरकार के 22 वर्षों के शासनकाल में किसान विरोधी नीति से किसान कर्जदार हो गए हैं। बीज, खाद और कृषि साधनों पर 43 फीसदी तक कर बढ़ा है। राज्य सरकार ने खुद अपनी तिजोरी भरी है, लेकिन किसानों की सुध नहीं ली। भाजपा सरकार ने फसल बीमा निजी कम्पनी के हाथों में सौंप दिया। किसान बीमा प्रीमियम तो नियमित तौर पर जमा कराते हैं, लेकिन उनको बीमा की राशि नहीं मिलती।
इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा, परेश धानाणी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मंत्री अल्पेश ठाकोर, निशिथ व्यास, रोहन गुप्ता ने डॉ. मनीष दोशी की पुस्तक 'विधानसभा ना ऊंबरे थीÓ का विमोचन किया। दोशी ने बताया कि इस पुस्तक विधानसभा में कांग्रेसी विधायकों की ओर से पूछे गए सवालों में सरकार की विफलता को उजागर सामने आई है। उसका संकलन इस पुस्तक में है।