अहमदाबाद

बैंककर्मी बनकर १५ राज्यों के लोगों को ठगने वाले दिल्ली के कॉल सेंटर का पर्दाफाश

डेबिट कार्ड अपडेट करने का कहकर जानते ओटीपी,साइबर सेल ने पांच दिनों में ही दिल्ली से पकड़ा, 17 युवतियां गिरफ्तार,संचालक फरार, पहली बार पेटीएम के ३२८ डेबिट कार्ड मिले
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बैंककर्मी बनकर १५ राज्यों के लोगों को ठगने वाले दिल्ली के कॉल सेंटर का पर्दाफाश

अहमदाबाद. बैंक कर्मचारी बनकर लोगों को डेबिट कार्ड अपडेट करने के बहाने विश्वास में लेकर ओटीपी जानने के बाद खाते से ऑनलाइन नकदी पार करने वाले ठग कॉल सेंटर का अहमदाबाद साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। दिल्ली के उत्तमनगर से कॉल सेंटर की मैनेजर सहित 17 युवतियों को पकड़ा है। पहली बार ३२८ पेटीएम के डेबिटकार्ड मिले हैं। १२७५ सिमकार्ड, दो लैपटॉप, 14 वॉकी फोन, 32 मोबाइल फोन, छह बैंक डेबिटकार्ड एक्सिस बैंक के डाटा की हार्ड कॉपी बरामद हुई है।
साइबर सेल के पुलिस उपायुक्त डॉ. राजदीप सिंह झाला ने बताया कि बैंककर्मी बनकर ओटीपी जानने के बाद ७.७५ लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का केस २० अक्टूबर को पहली बार अहमदाबाद में सामने आया। पीडि़त मोन्टू राठौड़ (३६) सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, उन्होने एक घंटे में ही साइबर सेल का संपर्क किया। पेमेन्ट को स्टॉप कराने की कोशिश भी की, लेकिन शातिर आरोपियों ने आधा घंटे में रुपए निकाल लिए। आरोपियों की लोकेशन दिल्ली में पता चलने पर पीआई वी.बी.बारड़़ की अगुवाई में पीएसआई आर.के.सोलंकी, एच.एन. प्रजापति की टीम ने पांच-छह दिनों में ही उत्तमनगर से कॉल सेंटर का पर्दाफाश कर दिया। सेंटर की मैनेजर नूरानी भसीन (२०) व बैंककर्मी बनकर लोगों को फोन करने वाली कॉलर १५ युवतियां, एक किशोरी को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी सोमवार तक रिमांड पर हैं। कॉलर को १० से १५ हजार का वेतन और इन्सेन्टिव मिलता होने की बात सामने आई है। गिरफ्तार अन्य युवतियों में मधू सिंह, नीलम तवर, चंचल शाह, पूजा यादव, सुमन बंजारा, पूनम पोद्दार, पूजा सोचन, मिनाक्षी सिंह, आलिया खान, हाश्मीना , कृष्णा समरी, पिंकी सिंह, दीपा नागर, रीना गुप्ता, किरण सूरी व एक किशोरी शामिल है।
15 राज्यों के सात हजार लोगों को किए फोन
आरोपियों की पूछताछ में पता चला कि यह कॉल सेंटर दो महीने से चल रहा था। आशु व अजहर मुख्य संचालक हैं। दो माह में 15 राज्यों के करीब सात हजार से ज्यादा लोगों को फोन किए गए। गुजरात के ४८९ लोगों को जबकि सबसे ज्यादा उ.प्र. के १८२४ लोगों, फिर महाराष्ट्र के १३८९, पंजाब के ७४८, राजस्थान के ६३८, तमिलनाडु के ५१४, बिहार के ३७४, म.प्र. के २८८,आंध्रप्रदेश के २७३, दिल्ली के २३३, छ.ग.के १४८, केरल के ११०, कर्नाटक के ९४, कोलकाता के ८९, ओडीशा के ६९ लोगों को फोन करने का पता चला है।

२५ हजार रिवॉर्ड पोइन्ट का लालच
युवतियों को एक सप्ताह का प्रशिक्षण भी दिया गया था। उन्हें किसे फोन करना है, उसका डाटा व नंबर आशु व अजहर देते थे। एक्सिस बैंक से बोलने की बात कहकर सिक्योरिटी रीजन से डेबिट कार्ड बदलने व अपग्रेड करने की बात कहते थे। इसके लिए २५००० रिवॉर्ड प्वॉइन्ट बैंक से देने का लालच देते। वेरिफिकेशन की बात कहकर कार्ड के पहले चार नंबर जानते, इस दौरान अन्य फोन नंबर से मैसेज भेजते कि डेबिटकार्ड कूरियर से आएगा, जिससे युवक को विश्वास आता। फिर ये किसी प्रकार से डेबिटकार्ड का पूरा नंबर, सीवीवी नंबर और एक्सपायरी डेट जान लेते और उससे ओटीपी भेजते, वो वेरिफिकेशन के लिए जरूरी होने का कहकर ओटीपी जान लेते। उसके बाद उसके खाते से रुपए पेटीएम वॉलेट या फिर पेटीएम बैंक के एकाउंट में ट्रांसफर करते उसके बाद पेटीएम के डेबिटकार्ड का उपयोग करके चंद मिनटों में ही एटीएम से रुपए निकाल लेतेे।
इतने पेटीएम डेबिटकार्ड कहां से मिले उसकी जांच
झाला ने बताया कि आरोपियों के पास से ३२८ पेटीएम डेबिटकार्ड, १२७५ सिमकार्ड मिले हैं। पेटीएम का डेबिटकार्ड इन्होने किस प्रकार से पाया, उसकी जांच की जाएगी। जरूरी केवाईसी के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई और कैसे उसे पूरा किया उसकी जांच के लिए पेटीएम की भी मदद ली जा रही है।

Published on:
27 Oct 2018 06:52 pm