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Ahmedabad: एंटी ड्रोन, गजरक्षक, दिव्य नेत्र वैन, पिनाक सिस्टम से रथयात्रा पर रखी नजर

-16 किलोमीटर रूट पर 31 हजार कर्मचारियों की तैनाती, 35 सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, 100 से ज्यादा ड्रोन, एआइ फेस रिकग्निशन सिस्टम, 3 डी मैपिंग सिस्टम, बॉडीवॉर्न कैमरे का उपयोग
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Anti Drone system

जगन्नाथ मंदिर में एंटी ड्रोन गन के साथ तैनात सुरक्षा कर्मचारी।

Ahmedabad. शहर में गुरुवार को अषाढ़ी दूज पर निकली भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। 31 हजार पुलिसकर्मी की 16 किलोमीटर रूट पर चप्पे-चप्पे पर तैनाती की गई थी। सड़क से लेकर छतों पर और गलियों तक में पुलिस कर्मचारी तैनात थे। 100 से अधिक ड्रोन, एआइ फेस रिकग्निशन कैमरे, पिनाक सिस्टम, बॉडीवॉर्न कैमरे, 35 सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे से रथयात्रा की हर गतिविध पर नजर रखी गई। इसके अलावा रथयात्रा रूट पर एंटी ड्रोन सिस्टम कार्यरत रहीं।

देश में निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में ओडिशा के पुरी के बाद अहमदाबाद की रथयात्रा देश की दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा होती है। इस रथयात्रा की सुरक्षा को चाकचौबंद बनाने के लिए शहर पुलिस ने पूरे रथयात्रा मार्ग को 26 रेंज, 53 एरिया और 1,397 सुरक्षा प्वाइंट में विभाजित किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था में 10 आइजी और डीआइजी, 42 डीसीपी, 88 एसीपी सहित 30 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इसके अलावा 15 एसआरपीएफ और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की नौ कंपनियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली।

तकनीक का हुआ ज्यादा इस्तेमाल

शहर पुलिस ने रथयात्रा की सुरक्षा में स्मार्ट पुलिसिंग का उपयोग किया, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), वर्चुअल रियलिटी, 3डी मैपिंग और आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। पूरे मार्ग पर 100 से अधिक ड्रोन से लाइव निगरानी की गई। हाथियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए जीपीएस, सीसीटीवी और डेसिबल मीटर लगाए गए। बॉडी वॉर्न कैमरे, हाईटेक वायरलेस सिस्टम, एआइ वॉयस बॉट, एंटी-ड्रोन गन तथा संदिग्ध व्यक्तियों और अपराधियों की पहचान के लिए एआइ फेस रिकग्निशन कैमरे से नजर रखी गई। पहली बार गजरक्षक सिस्टम और दिव्य नेत्र वैन का इस्तेमाल किया गया। बीते साल एक हाथी के बिफर जाने के चलते इस बार हाथियों पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्हें भूख, गर्मी और डीजे व साउंड सिस्टम की आवाज परेशान न करे उसका विशेष ध्यान रखा गया। उन्हें काफी आगे चलाया गया। इस साल अन्य सालों की तुलना में पहले हाथी सरसपुर और निज मंदिर पहुंच गए थे।

एक शंकास्पद ड्रोन को उतारा

क्राइम ब्रांच के तहत रथयात्रा रूट पर एक शंकास्पद ड्रोन नजर आने पर उसे उतारा गया। जगन्नाथ मंदिर, संवेदनशील क्षेत्र दरियापुर में एंटी ड्रोन सिस्टम पहले से ही तैनात और कार्यरत किए गए थे।

उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री, डीजीपी, सीपी भी पहुंचे दरियापुर

हर साल की तरह इस साल भी रथ दरियापुर पहुंचें उससे पहले उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री हर्ष संघवी, पुलिस महानिदेशक जी.एस.मलिक और शहर पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत दरियापुर क्षेत्र में पहुंचे। दरियापुर पुलिस थाने से पैदल चलते हुए संघवी तंबू चौकी तक गए। इस दौरान उन्होंने लोगों को अभिवादन किया।