अहमदाबाद

क्रिप्टो करेंसी में निवेश पर ऊंचे मुनाफे का लालच देकर ठगने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी को बिहार से पकड़ा, 19 लाख की ठगी के मामले में की गिरफ्तारी, बेगूसराय के रहने वाले आरोपी ने बीटेक की पढ़ाई की
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Updated: 22 Jun 2026, 10:04 PM IST
Cyber crime branch
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आरोपी।

Ahmedabad. क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर ऊंचे मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य को अहमदाबाद शहर साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया। बिहार से पकड़े गए आरोपी कुमार मंगलम (26) के पास से आइफोन, आइपैड, मैकबुक बरामद किया गया। बिहार के बेगूसराय के रहने वाले आरोपी ने कंप्यूटर साइंस में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बी.टेक) की पढ़ाई की है।

क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म विनप्रोएफएक्स के जरिए की जा रही करोड़ों की ठगी में लिप्त है। साइबर क्राइम ब्रांच में 19 लाख रुपए की ठगी के मामले में उसकी लिप्तता सामने आई है। वह निवेशकों को आकर्षित करने के लिए फोरेक्स ट्रेडिंग संबंधित वीडियो बनाकर उसमें विनप्रोएफएक्स नाम की फोरेक्स ट्रेडिंग वेबसाइट में ट्रेडिंग करने की जानकारी देता था। साथ ही वेबसाइट डेवलपर, एडमिन के रूप में कार्य करता था और रेफरल कोड व प्लेटफॉर्म के संचालन से आय प्राप्त करता था।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने अन्य के साथ मिलकर पीड़ित को भरोसे में लेकर उन्हें क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने को कहा। शुरुआत में मामूली लाभ भी दिए। विश्वास जीतने पर लाखों रुपए का निवेश कराया और फिर पैसे नहीं दिए। साइबर क्राइम ब्रांच के अनुसार इस गिरोह ने कई लोगों को चपत लगाई है। इस मामले में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और आइटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया।

प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं 100 देशों के लोग

जांच में सामने आया कि इस गिरोह का नेटवर्क भारत के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान, अमरीका, बांग्लादेश, वियतनाम, अफगानिस्तान, ब्रिटेन सहित 100 देशों में फैला है। इतना ही नहीं इस प्लेटफॉर्म और एक के मालिक, निदेशक के पाकिस्तानी व्यक्ति से संबंध होने की जानकारी सामने आ रही है। उसकी जांच जारी है। विनप्रोएफएक्स नाम का यह प्लेटफॉर्म सेंट लूसिया में पंजीकृत है। इससे 1.93 लाख लोग जुड़े हैं।

हरियाणा के म्यूल अकाउंट में जमा कराते थे पैसे

जांच में सामने आया कि गिरोह की ओर से हरियाणा की एचडीएफसी बैंक और इंडियन बैंक के म्यूल अकाउंट में पैसे जमा कराए जाते थे। आइफोरसी के समन्वय पोर्टल से पता चला कि इन अकाउंट के विरुद्ध साइबर ठगी की कई शिकायतें मिली हैं। यह प्लेटफॉर्म भारत में पंजीकृत नहीं है, उसके बावजूद भी निवेश के नाम पर भारतीय मुद्रा और क्रिप्टो करंसी में भारतीय बैंक अकाउंट व क्रिप्टो करेंसी वॉलेट में डिपोजिट को स्वीकरता है।

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22 Jun 2026, 10:04 PM IST
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