अहमदाबाद

Gujarat: धर्मशाला, आश्रम, होटल के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश

-साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की टीम ने दो आरोपियों को दिल्ली-राजस्थान से पकड़ा , गुजरात समेत 11 राज्यों में फैला जाल, 126 फर्जी वेबसाइट बनाईं, 21985 को ठगने का खुलासा
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cyber center of excellence
साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की गिरफ्त में आरोपी।

Ahmedabad. देश के अलग-अलग शहरों के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के आसपास धर्मशाला, आश्रम, ट्रस्ट और होटलों के नाम की फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गांधीनगर टीम ने पर्दाफाश किया। गिरोह के दो सदस्यों को दिल्ली एवं राजस्थान से पकड़ा। करीब 126 फर्जी वेबसाइटें बनाकर अब तक 21985 लोगों से ठगी करने का खुलासा हुआ है।

साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के पुलिस अधीक्षक डॉ. राजदीप सिंह झाला ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि पकड़े गए आरोपियों में दिल्ली के विकी गुप्ता (34) और राजस्थान के भरतपुर जिले की भुसावर तहसील के नंगलाबंध सेंधली के शैलेष सैनी (24) शामिल हैं।

विज्ञापन की मदद से लोगों तक पहुंचाते फर्जी वेबसाइट

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ऐसी धर्मशाला, आश्रम, ट्रस्ट और होटलों के नाम से फर्जी वेबसाइटें तैयार कीं, जिनकी वास्तविक वेबसाइट अस्तित्व में ही नहीं थी। जिनकी वेबसाइट थीं, उनके नाम की फर्जी वेबसाइट बनाईं, फोटो असली उपयोग में लिए। इन वेबसाइटों को गूगल सर्च, एडवरजाइजमेंट के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाता था। लोग वेबसाइट को असली समझकर कमरे की बुकिंग के लिए नाम, मोबाइल नंबर और बुकिंग तारीख सहित जानकारी ऑनलाइन फॉर्म में भरते थे। यह जानकारी वेबसाइट डेवलपर आरोपी विकी गुप्ता के ईमेल पर पहुंचती थी। इसके बाद वह बुकिंग की जानकारी वॉट्सएप के जरिए आरोपी शैलेष सैनी तथा उसके इस्तेमाल किए जा रहे अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर भेजता था। इसके आधार पर ग्राहकों से होटल या आश्रम के रिसेप्शन मैनेजर के रूप में शैलेष संपर्क करता और एडवांस बुकिंग के नाम पर रकम लेता था।

गुजरात में सबसे ज्यादा 41 वेबसाइट

फर्जी वेबसाइटों का जाल गुजरात समेत देश के 11 राज्यों में फैला था। गुजरात के सोमनाथ, द्वारका, गिरनार, पालीताणा, भुज, जूनागढ़, पाटण और गांधीनगर के पर्यटन स्थलों के होटल, ट्रस्ट, आश्रम के नाम पर 41 वेबसाइट बनाई गई थीं। उत्तराखंड में 27, आंध्रप्रदेश में तिरुमाला, विशाखापट्टनम, तिरुपति के होटलों के नाम पर 18, महाराष्ट्र में 8, मध्यप्रदेश में उज्जैन के होटलों, ट्रस्ट, धर्मशाला के नाम पर 7, ओडिशा व तमिलनाडु में 6-6, जम्मू-कश्मीर व कर्नाटक में 5-5, उत्तर प्रदेश में 2 और पश्चिम बंगाल में एक फर्जी वेबसाइट बनाई होने का पता चला है।

एनसीसीआरपी पोर्टल पर 70 शिकायतें दर्ज

जांच में सामने आया कि इन वेबसाइट के माध्यम से 21985 लोगों के साथ ठगी की गई है। आरोपी 6 एडमिन पैनल खुद संचालित कर रहे थे। एनसीसीआरपी पोर्टल पर इन फर्जी वेबसाइटों से संबंधित 70 शिकायतें दर्ज हैं।

विक्की ने बनाईं वेबसाइट, शैलेष करता उगाही

जांच में सामने आया कि इन फर्जी वेबसाइटों को डिजिटल मार्केटिंग एवं वेब डेवलपर विकी ने बनाया है। कंप्यूटर साइंस में बीटेक तक पढ़ाई करने वाले आरोपी ने सभी 126 फर्जी वेबसाइट बनाई हैं। उसके लैपटॉप से यह रेकॉर्ड भी मिला है। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा भरतपुर का शैलेष फर्जी वेबसाइटों से मिली बुकिंग रिक्वेस्ट के आधार पर ग्राहकों से होटल, आश्रम के रिसेप्शन मैनेजर के रूप में संपर्क कर एडवांस राशि वसूलता था।

Updated on:
13 Aug 2026 10:26 pm
Published on:
13 Aug 2026 10:26 pm