
वडोदरा. शहर में डेंगू का प्रकोप बढ़ गया है। पिछले पंद्रह दिनों में डेंगू से पीडि़त 50 से अधिक मरीज भर्ती हुए। दो दिन पहले छोटा उदेपुर जिले की एक बच्ची की डेंगू बुखार के कारण मौत हो गई। हालांकि, अहमदाबाद और सूरत की तुलना में वडोदरा में अभी कम मामले हैं।
शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सामान्य बुखार और डेंगू के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। सयाजी अस्पताल की ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में एक हजार अधिक मरीज आ रहे हैं। यहां आमतौर पर दो हजार से बाईस सौ मरीज होते हैं। इस अस्पताल में डेंगू के 24 और जीएमईआरएस गोत्री अस्पताल में 26 मरीज भर्ती हुए।
एसएसजी अस्पताल के आरएमओ डॉ. हितेंद्र चौहान ने कहा कि भरे हुए पानी में डेंगू के मच्छरों के पनपने को रोकना आवश्यक है। यदि मनपा सतर्क नहीं होती है, तो डेंगू बुखार के मामलों में और वृद्धि होने की आशंका है।
वडोदरा. विश्व रेबीज दिवस के उपलक्ष्य में मनपा सहित विभिन्न संस्थाओं ने तीन दिवसीय विशेष टीकाकरण अभियान चलाया। यह अभियान 26 से 28 सितंबर तक आयोजित किया गया। शहर के विश्वामित्री, लालबाग, अकोटा, परशुराम भट्ठा और सयाजीगंज सहित कई क्षेत्रों में बेसहारा कुत्तों और बिल्लियों का टीकाकरण किया गया।
अभियान के दौरान कुल 209 पशुओं को रेबीज रोधी टीका लगाया गया। इसमें 166 बेसहारा श्वान और 43 बिल्लियां शामिल थीं। पशुओं को रेबीज रोधी टीके के साथ-साथ रोगों से बचाव के लिए फाइव-इन-वन वैक्सीन भी दी गई। साथ ही, उनका डी-वॉर्मिंग भी किया गया। मार्केट सुप्रीटेंडेंट डॉ विजय पंचाल ने बताया कि विश्व रेबीज दिवस के तहत तीन दिन में 209 कुत्तों और बिल्लियों का टीकाकरण व डीवॉर्मिंग किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में इस अभियान को पूरे शहर में अधिक व्यापक बनाने की योजना है।