साइबर ठग गिरोह की ओर से 48 घंटे से डिजिटल अरेस्ट चल रही थी बुजुर्ग महिला। पुत्री ने हाल चाल पूछा तो सही से नहीं दिया जवाब, पुत्री को शंका होने पर पडोस में रहने वाली महिला को भेजा गया। पडोस की महिला से भी वृद्धा ने अच्छे से नहीं की थी बात। आखिरकार पडोस में रहने वाली महिला की सतर्कता और प्रयासों से ठगी से बचाने में मिली मदद।
Ahmedabad. पुत्री और पड़ोस में रहने वाली महिला की सतर्कता से मणिनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला डिजिटल अरेस्ट ठग गिरोह की ठगी का शिकार होने से बच गईं। हालांकि यह महिला ठग गिरोह के चंगुल में बीते 48 घंटों से डिजिटल अरेस्ट चल रही थी।
फोन पर बातचीत के दौरान पुत्री को शंका होने पर उन्होंने पड़ोस में रहने वाली महिला को घर भेजा। 23 अप्रेल को घर पहुंची पड़ोस की महिला से भी बुजुर्ग महिला ने अच्छे से बात नहीं की और दरवाजा बंद कर दिया। इस बीच तीन चार बार प्रयास किए और जांच की तो पता चला कि महिला फोन के सामने बैठी है। फोन पर वीडियो कॉल चालू है। ऐसे में शंका होने पर महिला ने बुजुर्ग महिला को समझाया फिर भी नहीं मानने पर वह बुजुर्ग महिला को लेकर मणिनगर थाने पहुंचीं।
थाने में पुलिस कर्मचारियों ने बुजुर्ग महिला को समझाया। डिजिटल अरेस्ट करके ठगने की मोडस ऑपरेंडी समझाई। आखिरकार बुजुर्ग महिला मानीं और उनके 23 लाख रुपए बच गए। वह कुछ दिनों में बैंक जाकर अपनी 23 लाख रुपए की एफडी तुड़वाने वाली थीं।