Ahmedabad शहर के असारवा स्थित सिविल मेडिसिटी परिसर के एम एंड जे आई इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में मंगलवार को फेको इमलेसीफिकेशन नामक अत्याधुनिक मशीन दान में दी गई। लाखों रुपए की लागत से लाई गई इस मशीन को स्थानीय सांसद सदस्य दिनेश मकवाणा की ओर से उपलब्ध कराया गया है।इस मशीन की खासियत यह है […]
Ahmedabad शहर के असारवा स्थित सिविल मेडिसिटी परिसर के एम एंड जे आई इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में मंगलवार को फेको इमलेसीफिकेशन नामक अत्याधुनिक मशीन दान में दी गई। लाखों रुपए की लागत से लाई गई इस मशीन को स्थानीय सांसद सदस्य दिनेश मकवाणा की ओर से उपलब्ध कराया गया है।इस मशीन की खासियत यह है कि इससे मोतियाबिंद के ऑपरेशन बिना टांके किए जा सकेंगे। साथ ही ग्लूकोमा तथा नवजात शिशुओं में पाए जाने वाले मोतियाबिंद की सर्जरी भी इस तकनीक से की जा सकेगी। यानी बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक सभी आयु वर्ग के मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।
इस इंस्टीट्यूट में फिलहाल प्रतिवर्ष लगभग 4550 मोतियाबिंद सर्जरी की जाती रही हैं। नई मशीन के आने से यह संख्या और अधिक बढ़ सकेगी। वर्ष 2025 में संस्थान में कुल 10,299 सर्जरी हुई थीं, जिनमें मोतियाबिंद, रेटीना, ग्लूकोमा और तिरछी आंख की सर्जरी शामिल थीं। इस मशीन से न केवल सर्जरी की संख्या बढ़ेगी बल्कि मरीजों को जल्दी आराम मिलेगा और जटिलताओं की संभावना भी कम होगी। इस अस्पताल में अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज आते हैं।
मशीन के लोकार्पण अवसर पर मौजूद रहीं मंत्री दर्शना वाघेला ने कहा कि और उपकरणों की आवश्यकता होगी तो राज्य सरकार और सांसद दिनेश मकवाणा की ओर से सहायता राशि प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में अस्पताल की निदेशक डॉ. स्वाति देवनहल्ली, डॉ. सोमेश अग्रवाल, आरएमओ डॉ. उमंग मिश्रा समेत अनेक लोग मौजूद रहे। इस दौरान रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें अस्पताल के चिकित्सा कर्मियों समेत अनेक लोगों ने रक्तदान किया।