अहमदाबाद

राजकोट की बहुमंजिला इमारत में लगी आग, 3 युवकों की मौत

फायर एनओसी नहीं थी, 5 लोग झुलसे, मृतकों में दो ऑनलाइन फूड डिलीवरी मैन, टीआरपी गेमजोन अग्निकांड के 10 महीने बाद एक और घटना राजकोट. शहर में टीआरपी गेमजोन अग्निकांड के 10 महीने बाद शुक्रवार को आगजनी की एक और घटना घटी। शहर के 150 फीट रिंग रोड पर 12 मंजिला इमारत में आग लगने […]

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फायर एनओसी नहीं थी, 5 लोग झुलसे, मृतकों में दो ऑनलाइन फूड डिलीवरी मैन, टीआरपी गेमजोन अग्निकांड के 10 महीने बाद एक और घटना

राजकोट. शहर में टीआरपी गेमजोन अग्निकांड के 10 महीने बाद शुक्रवार को आगजनी की एक और घटना घटी। शहर के 150 फीट रिंग रोड पर 12 मंजिला इमारत में आग लगने से 3 युवकों की मौत हो गई। मृतकों में अजय मकवाणा (32), कल्पेश लेवा (29) और उसका भतीजा मयूर लेवा (19) शामिल हैं।
पुलिस व अग्निशमन विभाग के मुताबिक शुक्रवार सुबह 10.17 बजे अग्निशमन नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली। 150 फीट रिंग रोड पर स्थित 12 मंजिता इमारत की पांचवीं और छठी मंजिल पर आग लगी। सूचना मिलने पर अलग-अलग फायर स्टेशनों के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ 52 लोगों की टीम और एक एंबुलेंस बचाव दल मौके पर पहुंचा। बताया जाता है कि इमारत की सी और डी विंग की छठी मंजिल पर दो फ्लैट के बीच लॉबी में फर्नीचर की फिटिंग के दौरान आग लगी। दमकल कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत के बाद करीब डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया गया। इस घटना में एक फ्लैट में काम कर रही 15 साल की किशोरी मामूली रूप से झुलस गई। उसके अलावा करीब 4-5 लोगों को बेहोशी की हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

चाचा के साथ सीखने गया था ऑनलाइन फूड डिलीवरी

हादसे में मारे गए तीन में से दो युवक ऑनलाइन फूड डिलीवरी मैन थे। इनमें अजय और कल्पेश शामिल हैं। अजय राजकोट के वीर सावरकर आवास योजना में रहता था वहीं कल्पेश और मयूर साधु वासवाणी रोड पर रहते थे। दोनों मूल रूप से गिर सोमनाथ जिले के ऊना तहसील के निवासी थे। मयूर कल्पेश के साथ फूड डिलीवरी सीखने गया था।

2014 से फायर एनओसी का नवीनीकरण नहीं, दो बार भेजा था नोटिस

मनपा के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अशोकसिंह झाला ने बताया कि बहु मंजिला इमारत का 2014 के बाद फायर एनओसी का नवीनीकरण नहीं किया गया। फायर सिस्टम भी काम करने की स्थिति में नहीं था। मनपा की ओर से 2021 और 2023 में दो बार फायर एनओसी रिन्यू कराने के लिए नोटिस भेजा गया था, हालांकि आवासीय इमारत होने के कारण इसे सील नहीं किया गया।

Updated on:
15 Mar 2025 10:54 pm
Published on:
15 Mar 2025 10:53 pm
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