
Ahmedabad. शहर के रामोल थाना क्षेत्र में गतराड के पास मेहमूदपुरा गांव के समीप जिस पटाखा फैक्ट्री में आग लगी और विस्फोट हुआ उसका लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद यहां पर पटाखा निर्माण कार्य जारी था। यह फैक्ट्री मेहुल डोडिया नाम के व्यक्ति की ओर से चलाई जा रही थी।
शहर के सेक्टर-2 के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एडिशनल सीपी) जयपाल सिंह राठौड़ ने यह बातें कहीं। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि इस मामले में रामोल पुलिस थाने में सापराध मानववध और एक्सप्लोसिव एक्ट की धाराओं में प्राथिमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। मामले की जांच में फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के एक्सपर्ट टीमों की मदद ली जा रही है। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हुई है। इसमें चार महिलाएं, दो पुरुष और तीन बच्चे शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मेहमूदपुरा में अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री में काम चालू रखने वाले फैक्ट्री के मालिक मेहुल डोडिया सहित तीन लोगों को शहर क्राइम ब्रांच और रामोल पुलिस की टीम ने हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। घटना होते ही मौके पर शहर पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल व अन्य टीमें भी मौके पर पहुंची थीं। उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचने के बाद यहां पर अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री चलाने वाले मेहुल डोडिया व उसके साथियों की तलाश शुरू की थी। सूत्रों का कहना है कि मेहुल को पुलिस हिरासत में ले लिया है। इससे जुड़े दो और लोगों को भी हिरासत में लिया है।
जोन 6 के उपायुक्त (डीसीपी) भगीरथ सिंह गढ़वी ने मणिनगर के एल.जी.अस्पताल में संवाददाताओं को बताया कि पटाखा फैक्ट्री हादसे में घायल होने पर 9 लोगों को एल.जी.अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया था। इसमें से चार लोग मृत अवस्था में पहुंचे थे, जबकि पांच लोगों का उपचार जारी है। घायलों में तीन बच्चे हैं वहीं एक महिला रमीलाबेन की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। कपड़वंज के मूल निवासी अजहर नामक व्यक्ति भी जख्मी है।
आरएएफ के एक अधिकारी ने बताया कि हमें पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट का पता लगते ही मौके पर टीमें पहुंचीं। हमने देखा कि कई शव इधर-उधर पड़े थे। कुछ लोग घायल थे, घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए अस्पताल भेजा। मौके से 8 शवों को रिकवर करते हुए अस्पताल भेजा।