प्रदेेश कांग्रेस अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने पुलिस पर निशाना साधा है।
गुजरात प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प, पथराव के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस के पांच कार्यकर्ताओं को आखिरकार शुक्रवार को गुजरात हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। इन कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद इन्हें निचली अदालत, शहर सत्र अदालत से भी जमानत नहीं मिली थी। ऐसे में कांग्रेस की लीगल टीम ने गुजरात हाईकोर्ट में गुहार लगाई। जमानत पाने वाले कार्यकर्ताओं में हर्ष परमार, विमल पनसारा, मनीष ठाकोर, संजय बारोट, मनीष दांतणिया शामिल हैं। इन पर भारतीय न्याय संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज है। इन पर दंगा, पथराव व सरकारी कर्मचारी के कार्य में रुकावट डालने का आरोप है। सभी को 10-10 हजार रुपए के मुचलका भरने को कहा है।
गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि ऊपर वाले के यहां देर है, अंधेर नहीं है। हाईकोर्ट ने कांग्रेस के पांचों कार्यकर्ताओं को आज जमानत दे दी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मनमानी के कारण कांग्रेस के पांच कार्यकर्ता इतने लंबे समय तक जेल में थे। कानून की परिभाषा में स्पष्ट है कि जांच अधिकारी व एजेंसी तटस्थ होनी चाहिए। उन्हें उनका काम निष्ठा पूर्वक करना चाहिए,लेकिन इस मामले में ऐसा होता नहीं दिखा है। दो जुलाई को तड़के कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ हुई। दोपहर को फिर कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से पथराव किया गया। पुलिस की उपस्थिति में यह सब हुआ उसके बावजूद भी पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय में घुसकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पकड़ा। मौके से हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में बिठाए गए भाजपा कार्यकर्ताओं को भाजपा के एक विधायक का बेटा उतारकर ले गया। कईयों को थाने से छोड़ दिया गया।
शक्ति सिंह गोहिल ने सवाल किया कि क्यों आज तक एक भी भाजपा के कार्यकर्ता को इस मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया है। वे इस मामले में ऊपर तक कानूनी लड़ाई लगेंगे ताकि आगे कोई पुलिस अधिकारी व कर्मचारी ऐसा कार्य न करे।