
गोधरा. वडोदरा. पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के तहत गुजरात के दाहोद के पास जेकोट और मंगलमहुडी रेलवे स्टेशनों के बीच सोमवार देर रात एक मालगाड़ी का एक वैगन पटरी से उतर गया। इस कारण मुंबई-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। वडोदरा रेलवे स्टेशन पर अचानक सायरन गूंजने से रेलवे कर्मचारी राहत एवं बचाव संबंधी कार्रवाई के लिए सतर्क हो गए। स्टेशन पर मौजूद यात्री भी सायरन की आवाज सुनकर हैरान रह गए। रेलवे प्रशासन ने आवश्यक कदम उठाने शुरू किए। वडोदरा मंडल की मेडिकल रेस्क्यू वैन टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
दुर्घटना के चलते वडोदरा-रतलाम मेमू ट्रेन को रद्द कर दिया गया। नतीजतन, दिवाली मनाने अपने घर जा रहे हजारों श्रमिक और यात्री गोधरा रेलवे स्टेशन पर अटक गए। सुरक्षा के मद्देनज़र दिल्ली मार्ग की कई यात्री ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया। इनमें वडोदरा-गोरखपुर एक्सप्रेस को 4 घंटे से अधिक समय तक गोधरा स्टेशन पर ही रोके रखा गया। इसके अलावा जबलपुर एक्सप्रेस को डेरोल स्टेशन पर, शांति एक्सप्रेस को छायापुरी और पश्चिम एक्सप्रेस को लीमखेड़ा रेलवे स्टेशन पर रोका गया।
गोधरा रेलवे स्टेशन पर इंसानियत की मिसाल देखने को मिली। वडोदरा-गोरखपुर एक्सप्रेस के 4 घंटे से अधिक समय तक खड़े रहने पर रेलवे कैटरिंग की युवा टीम यात्रियों की मदद के लिए आगे आई। टीम ने स्टेशन पर फंसे यात्रियों को मुफ्त में नाश्ता, पानी और नमकीन का वितरण किया। इस सेवा कार्य से यात्रियों को राहत मिली।
वडोदरा से दाहोद जा रही मेमू ट्रेन को गोधरा रेलवे स्टेशन पर ही रोककर सभी यात्रियों को बीच रास्ते में उतार दिया गया। ट्रेन रद्द होने के बाद सैकड़ों यात्री आगे की यात्रा के लिए तुरंत गोधरा एसटी बस स्टैंड की ओर दौड़े। हालांकि, भारी भीड़ के मुकाबले पर्याप्त बसें उपलब्ध न होने से यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। छोटे बच्चों और परिजनों के साथ सफर कर रहे लोग काफी समय तक बस स्टैंड पर फंसे रहे। दाहोद की ओर जाने के लिए यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और असमंजस का माहौल बना रहा।