GTU, design innovation center,logo, student, logo design competition, students, Ahmedabad, MHRD इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को प्रोडक्ट डिजाइन का सेंटर के जरिए दिया जाता है प्रशिक्षण, दो सौ विद्यार्थियों ने की शिरकत, डिजाइनरों ने भी दिया मार्गदर्शन
अहमदाबाद. गुजरात तकनीकी विश्वविद्यालय GTU (जीटीयू) के बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग BE (बीई) कोर्स के Students विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के डिजाइन इनोवेशन सेंटर (डीआईसी) को नई पहचान (लोगो) दी है। विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी के डिजाइन इनोवेशन सेंटर का logo लोगो डिजाइन किया है। यह सेंटर विद्यार्थियों को उनके innovation इनोवेशन में मददगार साबित होते हुए उनके उत्पाद को डिजाइन करने के लिए जरूरी प्रशिक्षण देता है।
नीले, लाल रंग के उपयोग के माध्यम से इसे इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि इसे पहली बार देखने पर डिजाइन की 'डी ', इनोवेशन की 'आई ' और सेंटर का 'सी ' स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
GTU design innovation center जीटीयू के डिजाइन इनोवेशन सेंटर (डीआईसी) की उप निदेशक कविता कृपलानी ने कहा कि केन्द्रीय मानव संसाधान विकास मंत्रालय MHRD (एमएचआरडी) ने अगस्त २०१८ में जीटीयू में डिजाइन इनोवेशन सेंटर को मंजूरी दी है। यह देश में शुरू हुए 20 सेंटर में से एक है। इसके लिए १.८ करोड़ रुपए का फंड मिला है। जिसके तहत विद्यार्थियों को प्रोडक्ट डिजाइन करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। कार्यशाला, सेमिनार भी आयोजित किए जाते हैं।
इस सेंटर का लोगो डिजाइन करने का निर्णय हुआ, तब बाहर के प्रोफेशनल डिजाइनर या संस्थान से इसे डिजाइन कराने की जगह यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेज के विद्यार्थियों की सृजनात्मकता के जरिए इसे डिजाइन करने पर सहमति बनी। ताकि इस सेंटर की स्थापना के उद्देश्य से भी विद्यार्थियों को जोड़ा जा सके, जिसके तहत कॉलेजों के विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के बीच लोगो डिजाइन स्पर्धा की गई। जिसमें २०० विद्यार्थियों की ८५ टीमों ने शिरकत की। तीन चरण की स्पर्धा और चयन के बाद सात लोगो चुने गए थे। उसमें से भी बेहतर लोगो को चुनने के लिए सात लोगो बनाने वाले विद्यार्थियों को एनआईडी एवं अन्य डिजाइन संस्थान के प्रोफेशनल डिजाइनर से मार्गदर्शन दिलाया गया। कार्यशाला आयोजित की गई। उसके बाद यह लोगो डिजाइन हुआ है, जो जीटीयू के विद्यार्थियों की ही क्रिएटिविटी को दर्शाता है। इसे जीटीयू की डीआईसी लोगो कमेटी ने मंजूरी दी है।