
Ahmedabad. गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जैश-जेईएम) से जुड़े एक सक्रिय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए इससे जुड़े आठ संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी गुजरात में जैश के लिए नेटवर्क तैयार करने, उसकी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने तथा देश विरोधी व आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे। इनके पास से प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा साहित्य, किताब, झंडा एवं मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
एटीएस के उपमहानिरीक्षक (डीआइजी) सुनील जोशी ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य बनकर संगठन की विचारधारा को उत्तर गुजरात के बनासकांठा, पाटण व आसपास के क्षेत्रों में बढ़ावा देने और नए लोगों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। इसके आधार पर पांच अलग-अलग विशेष टीम गठित की गईं। तकनीकी और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर टीमों ने बनासकांठा, महेसाणा, नवसारी, पाटण तथा मध्य प्रदेश के देवास में स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश देकर आठ संदिग्ध आरोपियों को पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपियों में मेहसाणा जिले के नंदासण गांव निवासी अहमद अब्दुल्लाह गाजीवाला उर्फ अबू उबेदा (19), इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घघा उर्फ अबू हमजा (30), बनासकांठा जिले के पालनपुर के पास भागळ गांव निवासी मुदस्सिर अब्दुल्लाह गाजीवाला उर्फ अबू आया (22), पाटण जिले की सिद्धपुर तहसील के खडियासणा गांव स्थित जामिया अबुल हसन मदरसा निवासी जकरिया दुरानी मोहम्मद अम्मार घघा उर्फ इब्न अम्मर उर्फ जकरिया पालनपुरी (21), मदरसे का मुफ्ती फौजान इस्माइल दऊवा उर्फ मुफ्ती साहब (40), मो.अमीन शेरा उर्फ अमीन पालनपुरी (21), नवसारी जिले की चिखली तहसील के अंभेटा स्थित जामिया रहमानिया खंभिया मदरसा निवासी मो.अब्दुल रहमान सावदी उर्फ मो.पालनपुरी उर्फ अबू उनेसा (22) और मध्यप्रदेश के देवास जिले के वरसीनगर निवासी मूल सिद्धपुर निवासी बिलाल दुरानी मो. अम्मार घघा उर्फ अबू दुजाणा उर्फ अबू सूफियान उर्फ अबू झुंडल उर्फ उमरबीन खतब (18) शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि पकड़े गए आरोपियों में से मुख्य आरोपी अहमद और इब्राहिम पाकिस्तान स्थित हैंडलर अब्दुल्लाह और मोहम्मद उमर से संपर्क में थे। इनके पास से मिले मोबाइल फोन में इसके सबूत मिले हैं। आरोपियों के पास से प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, मसूद अजहर से जुड़ा साहित्य मिला है। झंडा भी मिला है।
जांच में पता चला कि पाकिस्तानी हैंडलर्स की ओर से आरोपियों को 3 लाख की नकदी उपलब्ध कराई थी। इसे एक जगह पर रखा गया था। जहां से उन्होंने नकदी ली। हैंडलर्स के कहने पर इन्होंने एक पुरानी कार खरीदी है। हालांकि उसे अभी तक नाम पर नहीं कराया है। हैंडलर्स के निर्देश पर वडोदरा में जम्मू एवं कश्मीर से आए एक व्यक्ति से अहमद और इब्राहिम ने मुलाकात की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से यह सीमा पार हैंडलर्स से संपर्क में थे।
डीआइजी जोशी ने बताया कि इस मामले में आठों आरोपियों के विरुद्ध गुजरात एटीएस थाने में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की धारा 13, 17, 18, 38 और 39 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61 एवं 148 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इन्हें महेसाणा जिले की कड़ी कोर्ट में पेश किया गया है। सभी आठों आरोपियों का 14 दिन का रिमांड कोर्ट ने मंजूर किया है।