गुजरात से मुकेश पटेल को रेड क्रॉस गोल्ड मेडल के लिए चुना गया। अगले माह नई दिल्ली में होने वाले समारोह में उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस मेडल से सम्मानित करेंगी। अहमदाबाद से इस क्षेत्र में गोल्ड मेडल पाने वाले पटेल पहले व्यक्ति होंगे। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में यह सम्मान समारोह में 13 […]
गुजरात से मुकेश पटेल को रेड क्रॉस गोल्ड मेडल के लिए चुना गया। अगले माह नई दिल्ली में होने वाले समारोह में उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस मेडल से सम्मानित करेंगी। अहमदाबाद से इस क्षेत्र में गोल्ड मेडल पाने वाले पटेल पहले व्यक्ति होंगे। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में यह सम्मान समारोह में 13 मई को आयोजित होगा।पटेल पिछले पचास वर्षों से ज्यादा समय से स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने संबंधित गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। हाल में वे अहमदाबाद रेड क्रॉस के मानद चेयरमैन भी हैं। उन्होंने अहमदाबाद रेड क्रॉस को श्रेष्ठ बनाने के लिए काम किया है। 1972 से लेकर अब तक थैलेसीमिया सीएपी मिशन यानी थैलेसीमिया पीडि़तों की देखभाल, जागरूकता और रोकथाम के क्षेत्र में काम कर चुके मुकेश पटेल की उत्कृष्ठ सेवा के बदले उन्हें इस सम्मान के लिए चुना है। इतना ही नहीं वे अपने जीवन में
पटेल 151 बार रक्तदान भी कर चुके हैं। वे अहमदाबाद रेड क्रॉस सेंचुरियन ब्लड डोनर्स क्लब के संस्थापक अध्यक्ष भी हैं। फिलहाल इस क्लब में एक दो नहीं बल्कि 138 शतायु रक्तदाता हैं। इन सभी ने सौ या उससे अधिक बार रक्त का दान किया है। दुनिया में किसी भी शहर में अहमदाबाद से अधिक शतायु रक्तदाता नहीं हैं।
अहमदाबाद शहर में देश के सबसे बड़े और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित ब्लड सेंटर के रूप में कार्यरत अहमदाबाद रेडक्रॉस शताब्दी भवन की स्थापना करने में भी मुकेश पटेल का अहम योगदान रहा है।