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अहमदाबाद/राजकोट. इन दिनों गुजरात की राजनीति में हलचल मची हुई है। वर्ष के अंत में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति में लग गए हैं। नेताओं और कार्यकर्ताओं में दल-बदलने का दौर प्रारंभ हो गया है।
पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल पार्टी से सार्वजनिक रूप से नाराजगी जता चुके हैं। वहीं पाटीदार नेता नरेश पटेल के राजनीति में प्रवेश को लेकर संशय बरकरार है। उनके राजनीतिक दल से जुडऩे को लेकर कई दिनों से चर्चा जारी है।
शनिवार को राजकोट एयरपोर्ट पर दिल्ली से लौटे नरेश पटेल ने मीडिया से कहा कि उनका दिल्ली प्रवास राजनीतिक नहीं था। उन्होंने वैवाहिक समारोह में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का ब्लू प्रिंट किशोर जैसे व्यक्ति ही तैयार कर सकते हैं।
उनके खुद के राजनीतिक दल में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि वे अभी खुद ही कन्फ्यूज हैं। हालांकि 15 मई तक वे अपना अंतिम निर्णय घोषित करेंगे। पटेल के मुताबिक उनमें निर्णय शक्ति का अभाव नहीं है इसलिए राजनीति में आना है या नहीं, इसका निर्णय वे खुद ही करेंगे।
नरेश पटेल के अनुसार हार्दिक पटेल उनसे मिले थे जिसमें हार्दिक ने कहा था कि कांग्रेस को लेकर उन्हें बहुत सारे सवाल हैं इसका हल जरूरी है। भाजपा में हार्दिक के शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि यह हार्दिक का अपना निर्णय होगा।
उन्होंने कहा कि उनके 2 मई को कांग्रेस में शामिल होने की बात में कोई तथ्य नहीं है। ्रखोडल महासभा करने के बाद वे अपना निर्णय जारी करेंगे।
हार्दिक के संबंध में बोले रूपाला-मैं ज्योतिष नहीं
उधर हार्दिक पटेल के भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बीच केन्द्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने राजकोट में कहा कि वे ज्योतिष नहीं है। इसलिए इस संबंध में वे कुछ भी नहीं बता सकते। यह पूछे जाने पर कि भाजपा की प्रशंसा करने की बात पर रूपाला ने कहा कि भाजपा ऐसा राजनीतिक दल है जिसकी सभी नेता प्रशंसा करते हैं।