आयुर्वेद, होम्योपैथी कोर्स के लिए भी पंजीकरण किया जा सकेगा। 14 अगस्त तक प्रमाण-पत्रों की जांच करानी जरूरी।
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) अंडर ग्रेजुएट (यूजी) 2024 के परिणाम पर हुए विवाद मामले में सुप्रीमकोर्ट का फैसला आने के बाद गुजरात की मेडिकल-डेंटल, आयुर्वेद और होम्योपेथी कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया की शुक्रवार को घोषणा कर दी।
गुजरात की स्नातक मेडिकल शिक्षा पाठ्यक्रम प्रवेश समिति ने एमबीबीए (मेडिकल), बीडीएस (डेंटल), बीएएमएस (आयुर्वेद), बीएचएमएस (होम्योपेथी) कोर्स में प्रवेश के लिए 3 अगस्त सुबह 10 बजे से ऑनलाइन पिन वितरण और पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। पंजीकरण के लिए 13 अगस्त दोपहर दो तक पिन खरीदकर 13 अगस्त शाम पांच बजे तक पंजीकरण कराया जा सकता है। पंजीकरण के बाद हेल्प सेंटरों पर अपने दस्तावेजों की जांच कर उसे जमा करने की अंतिम तिथि 14 अगस्त (शाम साढ़े चार बजे) निर्धारित की गई है। विद्यार्थियों को पंजीकरण के लिए जरूरी पिन के लिए एक हजार रुपए और साथ में रिफंडेबल डिपॉजिट के रूप में 10 हजार रुपए की राशि देनी होगी। पंजीकरण की प्रक्रिया बीएएमएस और बीएचएमएस कॉलेज की ऑल इंडिया कोटे की 15 प्रतिशत सीटों के लिए भी की जा रही है।ज्ञात हो कि मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेद, होम्योपेथी कॉलेजों के स्नातक कोर्स की सरकारी, ऑल इंडिया कोटा, निजी कॉलेजों की मैनेजमेंट कोटा और एनआरआई कोटा की सभी सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया इस प्रवेश समिति की ओर से ही ऑनलाइन ही की जाती है।
गुजरात की स्नातक मेडिकल शिक्षा पाठ्यक्रम प्रवेश समिति ने वर्ष 2024-25 के लिए मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेद व होम्योपेथी कोर्स में सीटों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन समिति सूत्रों का कहना है कि गत वर्ष 2023-24 में जो सीटें थी उतनी ही सीटें इस साल भी रहने वाली हैं। इसके तहत समिति 39 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 6858 सीटों, 13 डेंटल कॉलेज में बीडीएस की 1255 सीटें, 41 आयुर्वेद कॉलेजों की 3116 सीटें और 45 होम्योपेथी कॉलेजों की 4290 सीटों सहित कुल 138 कॉलेजों की 15519 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया करेगी।