
Gujarat PCC chief Jagdish Thakor: despite challenges spirit high
‘चुनौतियों के बावजूद हौसले हैं बुलंद’
देश की राजनीति में इन दिनों कांग्रेस चर्चा के केंद्र में है। एक ओर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तो दूसरी ओर राजस्थान में बगावत की गूंज। गुजरात में विधानसभा चुनाव की घोषणा होने वाली है। राजस्थान में अगले साल चुनावी मुकाबला होगा। गुजरात में कांग्रेस पार्टी के सामने २७ साल बाद सत्ता में वापसी की चुनौती है तो राजस्थान में सरकार बचाने की। इसी छाया मेें गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर से हमारे प्रतिनिधि उदय पटेल सवाल-जवाब
जगदीश ठाकोर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, गुजरात
पार्टी को पहले गुजरात-हिमाचल प्रदेश और बाद में अगले साल राजस्थान के विधानसभा चुनाव का सामना करना है। क्या तैयारी है?
आएगा गुजरात में बदलाव
27 साल बाद गुजरात में बदलाव जरूर आएगा। कांग्रेस के कई विधायकों ने पिछले पांच सालों में पार्टी छोड़ दी है। इस बार आम आदमी पार्टी भी चुनावी जंग में उतरी है। इन कई सारी चुनौतियों के बीच भी कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से कांग्रेस पार्टी को आपके प्रदेश में क्या लाभ होगा?
सिर्फ लोगों की सुन रहे राहुल
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा भारत के लोगों को जोडऩे की यात्रा है। लग रहा है कि कोई तो सडक़ पर उतरा है। नफरत की बात करने वालों के लिए यह यात्रा एक जवाब है। इस यात्रा में राहुल बोल नहीं रहे, लोगों की सुनते हैं।
24 साल बाद कांग्रेस को गैर गांधी अध्यक्ष मिलना तय हो गया है। पार्टी कितनी मजबूती से काम कर पाएगी ?
हमेशा की तरह रखेंगे सक्रियता
नए अध्यक्ष के नेतृत्व में भी उसी सक्रियता से काम होगा। भारत जोड़ो यात्रा व अध्यक्ष चुनाव के कारण फिलहाल उम्मीदवारों की सूची तय करने में देरी हो रही है। हालांकि पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक भी हुई है।
वे कौन-कौन से मुद्दे हैं, जिनके साथ कांग्रेस विधानसभा चुनाव में जनता के बीच जाएगी?
महंगाई व बेरोजगारी चरम पर
महंगाई का मुद्दा इतना साइलेंट है कि इसका अंदाजा आप नहीं लगा सकते। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक प्रकरण से भी युवाओं में रोष पैदा हुआ है। कर्मचारियों का आंदोलन भी एक ऐसा मसला है जो भाजपा पर भारी पड़ सकता है।
गुजरात व राजस्थान में आम आदमी पार्टी भी दस्तक दे चुकी है। तीसरे मोर्चे की चुनौतियोंं से कैसे निपटेंगे?
वोट काटने वाली रहेगी ‘आप’
गुजरात में कोई फर्क पडऩे वाला नहीं। पहले भी केशूभाई पटेल और शंकर सिंह वाघेला जैसे कद्दावर नेता विधानसभा चुनाव में उतरे थे। लेकिन कुछ नहीं हो सका। आम आदमी पार्टी कांग्रेस के वोट तोडऩे के लिए आई पार्टी है।