अहमदाबाद

गुजरात पुलिस भर्ती: 40 फीसदी उम्मीदवार शारीरिक परीक्षा में हुए सफल

Ahmedabad. गुजरात पुलिस बेड़े में पुलिस उपनिरीक्षक, लोकरक्षक दल के 13591 पदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले 10 लाख उम्मीदवारों में से 22 से 29 जनवरी के दौरान 187874 उम्मीदवारों को शारीरिक […]

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Ahmedabad. गुजरात पुलिस बेड़े में पुलिस उपनिरीक्षक, लोकरक्षक दल के 13591 पदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले 10 लाख उम्मीदवारों में से 22 से 29 जनवरी के दौरान 187874 उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षा के लिए बुलाया गया था। इसमें से शारीरिक परीक्षा देने वाले 116075 उम्मीदवारों में से 40 फीसदी यानी 50383 उम्मीदवार सफल हुए हैं। राज्य के 16 मैदानों पर शारीरिक परीक्षा ली जा रही है। इसमें से 11 में पुरुष जबकि चार में महिला उम्मीदवारों की परीक्षा ली जा रही है। यह परीक्षा छह मार्च तक चलेगी।

गुजरात भर्ती बोर्ड की अध्यक्ष नीरजा गोटरू ने जानकारी दी कि इस बार की भर्ती प्रक्रिया को शून्य त्रुटि, पारदर्शिता और तकनीक के ज्यादा उपयोग से बेहतर बनाया जा रहा है।

उम्मीदवारों का चयन महज योग्यता और मेहनत के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। सभी उपस्थित उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक पंजीकरण अनिवार्य है। जबकि गांधीनगर स्थित नियंत्रण कक्ष से सभी ग्राउंड की रियल-टाइम निगरानी भी की जा रही है।

सटीकता के लिए आरएफआइडी का उपयोग

शारीरिक परीक्षा में प्रत्येक सेकंड की सटीकता के लिए उम्मीदवारों के पैरों में आरएफआइडी चिप लगाई जाती है, जिससे दौड़ का समय स्वचालित रूप से रिकॉर्ड हो जाता है। ऊंचाई और सीने का डिजिटल माप लेकर उसका फोटो उम्मीदवार को कंप्यूटर में दिखाया जाता है। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में होती है। हर उम्मीदवार की परीक्षा रिकॉर्ड होती है।

बायोमेट्रिक सत्यापन, अपील बोर्ड की व्यवस्था

हर चरण पर फिंगरप्रिंट व चेहरा पहचान कर बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन किया जाता है। यदि किसी उम्मीदवार को माप प्रक्रिया में असंतोष होता है, तो स्थल पर ही अपील बोर्ड उपलब्ध रहता है, जिसमें एक एसपी स्तर के अधिकारी, एक मेडिकल अधिकारी समेत चार सदस्य होते हैं। यहां प्रस्तुत होकर उम्मीदवार की दोबारा जांच होती है। प्रत्येक ग्राउंड पर पीने के पानी, ओआरएस, 108 एम्बुलेंस और मेडिकल टीम की पूरी व्यवस्था की गई है। नतीजे भी स्थल पर ही तकनीक से तुरंत मिल जाते हैं।

डीआइजी, एसपी स्तर के अधिकारी की निगरानी

हर ग्राउंड के इंचार्ज के रूप में पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजीपी) या एसपी स्तर के अधिकारी तैनात किए हैं। 90 से अधिक पुलिस स्टाफ मुस्तैद है। उच्च स्तर की निगरानी के लिए भी डीआईजीपी/आईजीपी स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।

Published on:
30 Jan 2026 10:07 pm
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