
Ahmedabad. एशियाई शेरों के लिए प्रसिद्ध गुजरात में इंसानों पर शेरों के हमले की सामने आ रहीं घटनाओं को देखते हुए राज्य के वन विभाग ने अहम पहल की है। इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को एक विशेष और प्रतिबंधित बाड़े में रखने का निर्णय किया है। वन विभाग ने इसके लिए अमरेली जिले के आंबरडी सफारी पार्क में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशेष प्रतिबंधित बाड़ा बनाने की घोषणा की है। इस जगह शेरों को उनके प्राकृतिक आवास का माहौल दिया जाएगा, आंबरडी सफारी पार्क भी गिर संरक्षित क्षेत्र का एक आरक्षित वन क्षेत्र है। बीते माह 11 जुलाई को जूनागढ़ गिरनार पर्वत पर 12 वर्षीय बच्चे पर शेर के हमला करने की घटना सामने आई थी। हमला करने वाले शेरों को चिन्हित कर उन्हें जूनागढ़ के सक्करबाग चिडि़याघर में रखा गया था।
शेरों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिवर्ष 10 अगस्त को ‘विश्व शेर दिवस’ मनाया जाता है। उससे एक दिन पहले रविवार 9 अगस्त को गुजरात सरकार ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। ऐसे में सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को हमेशा के लिए चिडि़याघर में कैद न रखते हुए उनके लिए आंबरड़ी पार्क में विशेष बाड़ा बनाया जाएगा, जहां उन्हें रखा जाएगा।
पार्क में जरूरी कार्य हो गया शुरूराज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन विभाग के प्रमुख डॉ. जयपाल सिंह (आइएफएस) ने कहा कि इंसानों पर हमला करने वाले शेरों को प्रतिबंधित बाड़े में रखने के लिए आंबरडी सफारी पार्क में तारबंदी करके उन्हें अनुकूल वातावरण में रखा जाएगा। इस कार्य के लिए आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। इसके लिए पार्क में जरूरी काम शुरू हो चुका है।
वन विभाग सूत्रों के तहत इंसानों और वन्यजीवों के बीच संघर्ष को कम करने, जानवरों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने, जैविक संतुलन को बनाए रखने और प्रजातियों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए वन विभाग समय-समय पर वन्यजीवों के वैज्ञानिक तरीके से स्थानांतरण का काम करता है। शेर और तेंदुए के मामले में वे अक्सर खेतों या रिहायशी इलाकों में भटक जाते हैं, इसलिए उन्हें पकड़कर सुरक्षित अभयारण्य या वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाता है।पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है यह पार्कअमरेली जिले के धारी शहर के निकट 365 हेक्टेयर क्षेत्र में 2017 में आंबरडी सफारी पार्क बनाया गया है। यहां एशियाई शेरों के अलावा तेंदुए, चीतल, नीलगाय, चिंकारा, मोर और विभिन्न पक्षियों का संरक्षण किया जाता है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में सैलानी यहां आते हैं।
जूनागढ़ जिले में गिरनार पर्वत पर 11 जुलाई को परिवार के साथ दर्शन को गए 12 साल के बालक पर शेर ने हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई। शेर उसे घसीटकर जंगल की ओर ले गया था। अमरेली जिले की लिलिया तहसील के अंताल्या गांव के पास जंगल में दो दोस्तों के साथ रात में शेर देखने गए सोहिल मुंजावर पर शेर ने हमला कर दिया। शेर ने उसे पकड़कर झाड़ियों की ओर घसीट लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अमरेली जिले में 25 वर्षीय होटल कर्मचारी पर शेर ने हमला किया था, जिसमें उसकी मौत हो गई। वहीं खांभा तहसील के चातुरी गांव में भी 5 वर्षीय बच्चे की शेरनी के हमले में मौत हुई थी।