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Ahmedabad news : गुजरात में नौ अगस्त तक मानसून की अब तक 70.13 फीसदी बारिश हो चुकी है। पिछले 30 वर्षों (1996-2025) के औसत के अनुसार इस वर्ष मानसून में 35.8 इंच बारिश होनी है। अब तक करीब 25.1 इंच औसतन बारिश दर्ज की जा चुकी है। अगस्त अभी शेष है और सितंबर का मानसून भी बाकी है।
ऐसे में यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है।राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार इस बार भी मानसून असमान बना हुआ है। दक्षिण गुजरात में सबसे अधिक 96.96 फीसदी बारिश दर्ज की गई है। यह क्षेत्र सामान्य वर्षा के बेहद करीब पहुंच चुका है। इसके विपरीत कच्छ में अब तक केवल 29.05 फीसदी बारिश हुई है, जो राज्य में सबसे कम है। पूर्व-मध्य गुजरात में 67.05, सौराष्ट्र में 54.58 तथा उत्तर गुजरात में 51.39 फीसदी वर्षा दर्ज की गई है।
जिलावार स्थिति भी मानसून की असमान तस्वीर पेश करती है। सूरत, नवसारी और वलसाड ऐसे तीन जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक यानी 100 फीसदी से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं कच्छ, जामनगर, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका ऐसे चार जिले हैं, जहां अब तक 30 फीसदी से भी कम वर्षा दर्ज हुई है। यानी एक ओर दक्षिण गुजरात में मानसून मेहरबान है तो दूसरी ओर इन तटीय इलाकों में अब भी अच्छी बारिश का इंतजार बना हुआ है।
मानसून की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही। जून में राज्य में केवल करीब 1.4 इंच बारिश दर्ज हुई, लेकिन जुलाई में मानसून ने जोर पकड़ा और लगभग 21.8 इंच पानी बरस गया। अगस्त के शुरुआती नौ दिनों में ही करीब दो इंच वर्षा दर्ज हो चुकी है, जिससे राज्य की कुल बारिश 25 इंच के आंकड़े को पार कर गई।
जिला- बारिश का प्रतिशतन
वसारी - 115.10
वलसाड -107.85
सूरत -102.42
देवभूमि द्वारका - 6.29
पोरबंदर-17.61
जामनगर-28.53
कच्छ -29.05
Updated on:
09 Aug 2026 10:08 pm
Published on:
09 Aug 2026 10:08 pm
