
अहमदाबाद. गुजरात की स्कूलों में पढऩे वाले नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने भारतीय प्रबंध संस्थान गांधीनगर (आईआईटी-जीएन) की रसायन प्रयोगशाला में विभिन्न रंगों को बनाने के प्रयोग किए। रसायन विज्ञान के कई जटिल फॉर्मूलों और प्रयोगों को उन्होने बड़ी ही सरलता से सीखा और खुद करके आत्मविश्वास भी पाया।
इसके लिए गुजरात शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जीसीईआरटी) ने गुजरात सरकार की स्कूलों में नौवीं कक्षा में पढऩे वाले ६६ विद्यार्थियों का चयन किया। रॉयल सोसायटी ऑफ कैमिस्ट्री (आरएससी) एवं सोल्टर्स इंस्टीट्यूट यूके के सहयोग से आईआईटी गांधीनगर में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में रसायनशास्त्र में उच्च शिक्षा और शोध के लिए रुचि विकसित करना है। जिसके लिए तीन दिनों तक विद्यार्थियों को आईआईटी गांधीनगर के परिसर में रहने और सीखने का मौका मिला।
आईआईटी के प्रोफेसर भास्कर दत्ता और प्रोफेसर सिवप्रिया किरूबाकरन और श्रीराम कान्वाह ने बच्चों को विज्ञान के बारे में रोचक जानकारी दी।
इस दौरान उन्होंने न सिर्फ रसायन विज्ञान के विभिन्न प्रयोग किए, बल्कि प्रयोगशाला में सुरक्षा के तौर-तरीकों को भी समझाया और स्फटकीकरण, फोरेंसिक चैलेन्ज, क्लॉक रिएक्शन, हाइड्रोजन इन्वेस्टिगेशन के बारे में भी जानने का मौका मिला। साइंस टॉय वर्कशॉप के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक पद्धति के जरिए खिलौने भी बनाने के गुर सीखे।
बेस्ट हाईस्कूल अहमदाबाद के विद्यार्थी जिनेश दुग्गड़ ने कहा कि इस शिविर के दौरान प्रयोगशाला में विभिन्न रंग बनाने के प्रयोग करने के तरीके सीखने को मिले। साइंस टॉय बनाने का भी मौका मिला।
अहमदाबाद के खोखरा के प्रगति हाईस्कूल के विद्यार्थी उमेश लोधी ने कहा कि हाइड्रोजेल इन्वेस्टिगेशन और स्लिम एक्सपेरीमेंट करना सीखा, जिसे अब वह स्कूल में अपने मित्रों को भी सिखाएगा।