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नकली फर्म, म्यूल अकाउंट और 330 करोड़ की ठगी, गुजरात पुलिस ने दबोचा साइबर गैंग का नेटवर्क

Cyber Crime Network: गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने राज्य के 3 शहरों में चलाए गए ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत जांच में करीब 330 करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड का खुलासा कर 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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Gujarat Police, Cyber Crime

गुजरात में साइबर फ्रॉड के आरोपी गिरफ्तार, photo- IANS

Cyber Crime Network: गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने राज्य के 3 शहरों में चलाए गए ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत जांच में करीब 330 करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड का खुलासा कर 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में म्यूल बैंक अकाउंट, नकली बिजनेस एंटिटी और कॉर्पोरेट बैंक अकाउंट से जुड़े कथित साइबर क्राइम नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
इनका इस्तेमाल कथित तौर पर कई राज्यों में साइबर फ्रॉड में किया गया। अधिकारियों के अनुसार, तीनों जांच गांधीनगर में रजिस्टर्ड अलग-अलग मामलों से जुड़ी हैं और इनमें वडोदरा, अहमदाबाद, सूरत और दूसरी जगहों से ऑपरेट हो रहे कथित साइबर फ्रॉड नेटवर्क शामिल हैं।

तीन एफआईआर में 10 आरोपी दबोचे

पुलिस ने तीन FIR में छह आरोपियों को अरेस्ट किया। वडोदरा से ऑपरेट हो रहे म्यूल अकाउंट रैकेट की आगे की जांच के दौरान चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे इस मामले में अब तक 8 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। नए गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तौफीक अहमद राठौड़, आफताब सैयद, हसनैन उर्फ ​​शादाब पठान और अरकान शेख के तौर पर हुई है, ये सभी वडोदरा के रहने वाले हैं।

पुलिस ने कहा कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर बैंक अकाउंट के वेरिफिकेशन से 101 एक्नॉलेजमेंट नंबर और अलग-अलग राज्यों में रजिस्टर्ड 21 FIR के लिंक मिले, जिनमें 46 करोड़ रुपये से ज़्यादा के साइबर फ्रॉड का आरोप है।

अहमदाबाद में साइबर गिरोह का जाल

पुलिस ने अहमदाबाद में एक आरोपी ने नकली बिजनेस एंटिटी के माध्यम से म्यूल अकाउंट खोले और पैसे जमा किए, फिर उन्हें एक फरार आरोपी को भेज दिया। पुलिस मामले में एक आरोपी को पहले गिरफ्तार चुकी है। पुलिस के अनुसार बैंकों में करंट अकाउंट खोलने के लिए नकली फर्मों का इस्तेमाल कर कई राज्यों में करीब 161 करोड़ रुपए से ज्यादा की साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है।

बल्क ट्रांजैक्शन की आड़ में फ्रॉड

गुजरात पुलिस ने एक इंटरस्टेट सिंडिकेट के 6 कथित साथियों को गिरफ्तार किया, जिन पर कॉर्पोरेट बैंक अकाउंट्स को बल्क ट्रांजैक्शन की सुविधा देने का आरोप था। आरोपियों की पहचान मेहसाणा जिले के अंकुरकुमार चौधरी, विसनगर के चेतन पटेल, अहमदाबाद के किरणकुमार पांचाल, अहमदाबाद के सुरेश रबारी, अहमदाबाद के राजकुमार रावल और मुंबई के अक्षयसिंह परमार के तौर पर हुई है। पुलिस ने आरोप लगाया कि पहले तीन आरोपियों ने कॉर्पोरेट बैंक अकाउंट्स खरीदे और उन्हें एक सिंडिकेट को दिए, जबकि रबारी और रावल ने उन्हें फॉरवर्ड करने से पहले APK फाइलों और लॉगिन स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए अकाउंट्स को वेरिफाई किया।

21 राज्यों में फैला गिरोह

पुलिस की जांच में सामने आया कि ग्रुप ने बल्क ट्रांजैक्शन की सुविधा वाले कॉर्पोरेट अकाउंट की पहचान की, अकाउंट होल्डर्स को कमीशन के बदले आधार और पैन डिटेल्स, चेक बुक इमेज, ATM कार्ड फोटो और इंटरनेट बैंकिंग क्रेडेंशियल देने के लिए राजी किया, और सिंडिकेट को अकाउंट सप्लाई करने से पहले एक्सेस को आसान बनाने के लिए APK फाइलें इंस्टॉल कीं।
तीसरी जांच में, पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन पर कथित तौर पर नकली फर्म बनाने, 18 से ज़्यादा बैंक अकाउंट खोलने और उन्हें 21 राज्यों में 116 करोड़ रुपए से ज्यादा के साइबर फ्रॉड ऑपरेशन के लिए सप्लाई करने का आरोप था।