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लोहागढ़ फोर्ट मर्डर केस: केतन अग्रवाल की मौत पर पुलिस ने बताई साजिश, अब अदालत में पेश होंगे सबूत

Siya Goyal: पुणे के लोहागढ़ फोर्ट मर्डर केस में पुलिस ने मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया है। अब मामले का फैसला अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों पर निर्भर करेगा।
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पुणे

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Ankit Sai

Jul 11, 2026

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केतन अग्रवाल और सिया गोयल (Photo: X/IANS)

Ketan Agarwal Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस ने उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस का दावा है कि केतन की मौत सुनियोजित हत्या का नतीजा थी और दोनों ने पहले से इसकी योजना बनाई थी। हालांकि, इन आरोपों को अदालत में सबूतों के साथ साबित करना अभी बाकी है। फिलहाल दोनों आरोपी 15 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं।

ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल मामले का फैसला मोबाइल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक जांच, डिजिटल चैट और दूसरे अहम सबूतों के आधार पर होगा।

हत्या करना, शादी से इनकार करने से ज्यादा आसान लगा

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान सिया गोयल ने कहा कि केतन अग्रवाल की हत्या करना परिवार को शादी से इनकार करने से ज्यादा आसान लगा। सिया ने कहा कि वह केतन को इसलिए पसंद नहीं करती थी क्योंकि वह विग (नकली बाल) पहनते थे और वह अपने माता-पिता को शादी तोड़कर दुखी नहीं करना चाहती थी। हालांकि पुलिस पूछताछ में दिया गया बयान सामान्य तौर पर अदालत में आरोपी के खिलाफ सबूत नहीं माना जाता।

गवाह नहीं, सबूत बनेंगे आधार

इस मामले में अब तक कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है। ऐसे में जांच अब तक मिले अलग-अलग सबूतों पर टिकी हुई दिखाई देती है। इनमें मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल चैट, कपड़े, फोरेंसिक रिपोर्ट और दूसरे अहम सबूत शामिल हो सकते हैं। लेकिन अदालतें कई बार साफ कर चुकी हैं कि सिर्फ शक के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने बताए सबूतों के नियम

सुप्रीम कोर्ट ने शरद बिरधीचंद सरडा बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में कहा था कि सिर्फ आसपास के सबूतों के आधार पर सजा देने के लिए पांच बातें पूरी तरह साबित होनी चाहिए। हर आरोप पक्का साबित हो, सभी सबूत सिर्फ आरोपी की ओर इशारा करें, सभी तथ्य साफ तौर पर उसी के खिलाफ हों, आरोपी के निर्दोष होने की कोई संभावना न बचे और सभी सबूत बिना किसी कमी के आपस में जुड़े हों।

पुलिस को केवल यह नहीं दिखाना होगा कि दोनों के पास हत्या की वजह थी, यह भी साबित करना होगा कि उन्होंने योजना बनाई, मौके पर मौजूद थे, हत्या करने का अवसर मिला और केतन अग्रवाल की मौत किसी हादसे से नहीं बल्कि जानबूझकर धक्का देने से हुई।

ट्रैकिंग के दौरान हुई मौत... बाद में हत्या का मामला बना

18 जून को पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले पर ट्रैकिंग के दौरान खाई में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियों का दावा है कि सिया तय शादी से खुश नहीं थी और चेतन के साथ रिश्ते में थी।

पुलिस के अनुसार, दोनों ने कई बार कैफे में मुलाकात की, हत्या की योजना बनाई, पहले एक कोशिश भी की और बाद में वारदात को अंजाम दिया।

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