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केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया खुलासा, आरोपी सिया के डिलीट व्हाट्सऐप चैट से खुला ‘शादी के टिकट’ का राज

Siya Goyal: केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा खुलासा। आरोपी सिया गोयल के फोन से रिकवर हुई डिलीट चैट्स, शादी के टिकट और आधार कार्ड को लेकर बातचीत आई सामने। जानें क्या है पूरा मामला।
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पुणे

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Pratiksha Gupta

Jul 04, 2026

Ketan Agrawal murder case, Siya Goyal

सिया गोयल की डिलीट चैट्स में मिला ‘आधार कार्ड’ वाला मैसेज | फोटो सोर्स- patrika.com

Ketan Murder Case: रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ एक बहुत बड़ा सुराग लगा है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की मुख्य आरोपी सिया गोयल के मोबाइल फोन से डिलीट किया जा चुका डेटा पुलिस ने वापस रिकवर कर लिया है। इन डिलीट चैट के सामने आने के बाद अब इस पूरे मर्डर केस की कहानी बदलती हुई नजर आ रही है। चैट में कोड वर्ड और 'शादी के टिकट' के बहाने आधार कार्ड मांगे जाने का जिक्र है, जिसने पुलिस को चौंका कर रख दिया है।

कोड वर्ड में होती थी बातचीत

जांच के दौरान पुणे पुलिस को सिया गोयल के मोबाइल से कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। इनमें स्नैपचैट चैट्स भी शामिल हैं, जिनसे पता चला है कि सिया गोयल और उसका प्रेमी चेतन चौधरी कई बार इशारों और कोड वर्ड में बातचीत करते थे। पुलिस का मानना है कि दोनों सामान्य शब्दों की बजाय सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल करते थे, ताकि उनकी बातचीत किसी के हाथ लगने पर भी आसानी से समझ में न आए।

'आधार भेजो, शादी के लिए टिकट बुक करनी है'

पुलिस के हाथ लगी स्नैपचैट चैट के मुताबिक, 24 और 25 मई की बातचीत में सिया अपनी एक दोस्त से आधार कार्ड की फोटो भेजने के लिए कहती है। चैट में सिया लिखती है, 'आधार भेजो, शादी के लिए टिकट बुक करनी है… जो शादी नहीं होने वाली है, फिर भी भेज दो।' इसके जवाब में उसकी दोस्त लिखती है कि उसने आधार की कॉपी व्हाट्सऐप पर भेज दी है। फिलहाल पुलिस उस दोस्त की पहचान और इस बातचीत के उद्देश्य की भी जांच कर रही है।

दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में, डिजिटल सबूतों की जांच जारी

इस बीच, केतन अग्रवाल हत्याकांड में अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सुनवाई के दौरान पुलिस ने दोनों की अतिरिक्त पुलिस रिमांड की मांग करते हुए कहा था कि आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ और मोबाइल से मिले चैट, स्नैपचैट डेटा समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच अभी बाकी है। हालांकि अदालत ने फिलहाल दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि पुलिस इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की फोरेंसिक जांच आगे बढ़ा रही है।