Ahmedabad: शहर में रोगों को नियंत्रण में लाने के लिए अधिकांश वाटर जग इकाइयों पर क्लोरीन डोज़र लगा दिए गए हैं। शहर में कुल 201 इकाइयों में से 190 पर क्लोरीन डोज़र इंस्टॉल किए जा चुके हैं। सबसे अधिक दक्षिण ज़ोन में हैं, जहां 90 में से 54 पर क्लोरीन डोज़र लगाए गए हैं। इस […]
Ahmedabad: शहर में रोगों को नियंत्रण में लाने के लिए अधिकांश वाटर जग इकाइयों पर क्लोरीन डोज़र लगा दिए गए हैं। शहर में कुल 201 इकाइयों में से 190 पर क्लोरीन डोज़र इंस्टॉल किए जा चुके हैं। सबसे अधिक दक्षिण ज़ोन में हैं, जहां 90 में से 54 पर क्लोरीन डोज़र लगाए गए हैं।
इस पहल का उद्देश्य जल जनित रोगों को रोकना और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।मनपा के स्वास्थ्य विभाग के मुख्य अधिकारी डॉ. भाविन सोलंकी ने बताया कि रोगों की आशंका पर रक्त के नमूने व बड़ी संख्या में सीरम सैंपल लिए गए। फरवरी माह के शुरुआती 15 दिनों में शहर के सरकारी एवं निजी अस्पतालों में जलजनित रोगों के 232 मरीजों की पुष्टि हुई, इनमें उल्टी-दस्त के 141 हैं।
जबकि पीलिया के 26 टाइफाइड के 65 मरीज सामने आए। वहीं गत एक जनवरी से अब तक उल्टी दस्त के 381, पीलिया के 118 व टाइफाइड के 221 मरीज सामने आए हैं। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में मरीजों की संख्या कम है। मच्छर जनित रोगों से पीडि़त मरीजों की संख्या भी पिछले वर्ष की तुलना में कम है।
बीते 15 दिनों मे विविध रोगों की आशंका पर 15 दिनों में 1133 रक्त नमूनों की जांच की गई, जबकि डेढ़ माह में यह संख्या 4783 दर्ज की गई। डेंगू जांच के लिए 52,658 सीरम सैंपल लिए गए। इसके अलावा मनपा की ओर से खाद्य वस्तुओं की दुकानों पर भी लगातार जांच की जा रही है।