
गांधीनगर. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दादा भगवान फाउंडेशन के आत्मज्ञानी दीपक देसाई और गुजरात के वित्त मंत्री कनू देसाई की मौजूदगी में मंगलवार को वलसाड जिले के नंदवाळा गांव में त्रिमंदिर का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने शास्त्रोक्त विधि के अनुसार भूमिपूजन विधि की तथा दीपकभाई के साथ संवाद कर उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम यहां महात्मा के रूप में आते हैं, तो सदा सर्वदा यह प्रार्थना करते हैं कि हम आपके चरणों में समर्पित हो जाएं। दादा भगवान, नीरूमां और दीपकभाई की भावना है कि ऐसे मंदिर हर गांव में होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि जितनी अधिक संख्या मे ऐसे मंदिर बनेंगे, फिर भारत का नक्शा कुछ अलग ही होगा। इसलिए, आज हम सभी यह भावना रखें कि ऐसे मंदिर अधिक से अधिक तेजी से निर्मित हों तथा लोक कल्याण की गतिविधियां और अधिक प्रबल हों।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत का संदेश दोहराते हुए आशा व्यक्त की कि विकसित भारत में भी ऐसे मंदिरों का योगदान मिलेगा। उन्होंने कहा कि त्रिमंदिर एक ऐसा तीर्थधाम है जो जैन, शैव और वैष्णव सहित अन्य धर्मों को एक मंच पर लाकर धार्मिक मतभेदों को दूर करता है।
सीएम ने कहा कि दादा भगवान फाउंडेशन, दादा भगवान द्वारा स्थापित ‘अक्रम विज्ञान’ (बिना सीढ़ियों वाला आध्यात्मिक विज्ञान) का देश-विदेश में प्रसार करने वाली एक आध्यात्मिक संस्था है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को संसार में रहते हुए बिना किसी कठोर त्याग के सीधे आत्मज्ञान प्राप्त कराना है। यह फाउंडेशन दुनियाभर में सत्संग, ज्ञानविधि और आध्यात्मिक शिविरों का आयोजन करता है। फाउंडेशन की ओर से देशभर में निर्मित त्रिमंदिर सांप्रदायिक मतभेदों को दूर करके सर्वधर्म समन्वय और विश्व शांति का अनूठा संदेश देते हैं। कार्यक्रम में विधायकगण भरत पटेल, अरविंद पटेल, जीतू चौधरी, कलक्टर नितिन सांगवान, जिला विकास अधिकारी अतिराग चपलोत, पुलिस अधीक्षक युवराजसिंह जाडेजा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वलसाड में ‘प्रभा प्राकृतिक कृषि खेत उत्पाद बिक्री केंद्र’ का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने दुकान का निरीक्षण किया और उपलब्ध उत्पादों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की।
यह दुकान एक मॉडल सेंटर है, जहां प्राकृतिक तरीके से उगाई गई ताजी सब्जियां, फल, अनाज और शहद उपलब्ध हैं। इसके अलावा, इस दुकान में प्राकृतिक खेती के लिए जरूरी सामग्री जैसे कि घन जीवामृत, गौमूत्र, बीजामृत और जीवामृत भी किसानों और ग्राहकों को बेचने के लिए उपलब्ध हैं।
यह केंद्र प्राकृतिक खेती के उत्पादों की उचित बिक्री व्यवस्था और बाजार उपलब्ध कराने तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण प्राकृतिक कृषि उत्पाद आसानी से उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इस पहल से प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ प्राकृतिक कृषि के उत्पादों के उपयोग के बारे में लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।