
आणंद. विदेशों में बसे चरोतर क्षेत्र के कई एनआरआइ परिवार नवरात्रि के दौरान अपने वतन लौटे हैं। अमरीका, लंदन और ऑस्ट्रेलिया सहित विभिन्न देशों में रहने वाले ये परिवार आणंद में पारंपरिक गरबा खेलकर मां आद्यशक्ति की आराधना कर रहे हैं। इनके आगमन से गरबा उत्सव में विशेष रौनक देखने को मिल रही है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति, पारंपरिक विरासत और मातृभूमि के प्रति प्रेम का अनूठा संगम बना है।
लंदन से आणंद आईं खुशी पटेल ने बताया कि वह हर साल नवरात्रि के दौरान गरबा खेलने अपने वतन आती हैं। इस बार वह अपनी एक मित्र को भी साथ लेकर आई हैं, ताकि वह यहां के पारंपरिक गरबा उत्सव का आनंद ले सके। उन्होंने कहा कि आणंद के गरबा का माहौल और उत्साह उन्हें हर साल यहां आने के लिए प्रेरित करता है।
अमरीका के शिकागो से मोनिका पटेल पहली बार भारत आई हैं। उन्होंने बताया कि वह अमरीका में गरबा खेलती थीं, लेकिन शादी के बाद पहली बार पति के साथ आणंद आई हैं। यहां गरबा खेलने के लिए उमड़ी भीड़ और पारंपरिक उत्सव का माहौल देखकर वह रोमांचित हैं। उन्होंने कहा कि अब वह हर साल गरबा खेलने भारत आना चाहती हैं, क्योंकि आणंद के गरबा का आनंद कहीं और नहीं मिलता।
लंदन से जानकी पटेल 25 साल बाद वतन लौटी हैं। उन्होंने बताया कि वह लंदन में भी गरबा खेलती थीं, लेकिन आणंद के गरबा जैसा आनंद वहां नहीं मिलता। लंबे समय बाद अपने वतन में नवरात्रि मनाना और पारंपरिक गरबा में शामिल होना उनके लिए भावनात्मक और यादगार अनुभव है।