अहमदाबाद

Ahmedabad: सिविल अस्पताल में गुप्त अंगदान, तीन को मिला नया जीवन

अस्पताल की काउंसिलिंग टीम ने परिवार को अंगदान का महत्व समझाया। परिवार ने अपनी पहचान छिपाकर गुप्तदान का मार्ग चुना और समाज के सामने मानवता का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया। यह महिला पिछले दिनों से बीमारी के चलते यहां भर्ती की गई थी, लेकिन काफी उपचार के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
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Organ Donation At Civil Hospital, Ahmedabad
अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में अंगदाताओं का स्मरण कक्ष।

Ahmedabad कहते हैं कि गुप्तदान सबसे बड़ा दान होता है। अहमदाबाद सिविल अस्पताल में ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायी मामला सामने आया है। इसके तहत सिविल अस्पताल के आइसीयू में भर्ती उत्तर गुजरात की एक 31 वर्षीय महिला के बुधवार को ब्रेनडेड घोषित होने के बाद, उनके परिजनों ने अंगदान का प्रेरणादायी निर्णय किया।

हालांकि उन्होंने महिला के अंगों का गुप्त दान किया है।युवावस्था में बेटी को खोने का गहरा दुख झेल रहे परिवार ने दुख की कठिन घड़ी में भी बड़ा दिल दिखाया। अस्पताल की काउंसिलिंग टीम ने परिवार को अंगदान का महत्व समझाया। परिवार ने अपनी पहचान छिपाकर गुप्तदान का मार्ग चुना और समाज के सामने मानवता का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया। यह महिला पिछले दिनों से बीमारी के चलते यहां भर्ती की गई थी, लेकिन काफी उपचार के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। जिससे बुधवार को उसे ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया।

ब्रेनडेड महिला के दान किए गए लिवर, दो किडनी

दान में मिले अंग जरूरतमंद मरीजों के लिए सिविल मेडिसिटी कैंपस स्थित किडनी अस्पताल में ले जाए गए हैं। जहां लंबे समय से अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे तीन गंभीर मरीजों में सफल इन अंगों का प्रत्यारोपण किया गया। ऐसे में एक परिवार के साहसिक निर्णय ने तीन जिंदगियों में नई रोशनी भर दी है।

अंगदान को लेकर लगातार जागरूक हो रहे हैं लोग

सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि सिविल अस्पताल अब पश्चिम भारत का प्रमुख अंगदान केंद्र बन चुका है। अब तक यहां कुल 241 अंगदाताओं से 797 अंग और 238 पेशियां प्राप्त हुई हैं। इसमें 445 किडनी, 215 लीवर, 76 हृदय, 34 फेफड़े, 19 स्वादुपिंड, 6 हाथ, 2 छोटे आंत, 194 नेत्र और 44 त्वचा शामिल हैं। इस प्रकार अस्पताल ने कुल 1,035 अंग-पेशियों का दान प्राप्त कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

मानवता का उदाहरण

डॉ. जोशी के अनुसार अंगदान महादान है। दाता परिवारों के सहयोग से सैकड़ों पीड़ित मरीजों के जीवन में उजाला लाया जा सका। इस तरह की घटना न केवल चिकित्सा जगत के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज को भी यह संदेश देती है कि दुख के क्षणों में भी यदि हम दूसरों के जीवन को बचाने का संकल्प लें, तो वह सबसे बड़ा धर्म और सबसे बड़ा दान बन जाता है।

Updated on:
28 May 2026 11:14 pm
Published on:
28 May 2026 11:13 pm