Pandit Shivkumar sharma, Santoor, saptak music festival, Ahmedabad, Gujarat
Santoor Maestro Pandit Shiv Kumar sharma
उदय पटेल/राजेश दुबे
महान संतूर वादक शिव कुमार शर्मा अहमदाबाद में भारत के सबसे लंबे शास्त्रीय संगीत समारोह -सप्तक- की शान थे। वे हर वर्ष इस समारोह में अपनी प्रस्तुति देते थे।
शिव कुमार शर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मोहन वीणा के जनक पंडित विश्व मोहन भट्ट ने कहा कि हमने संतूर के पर्याय को खो दिया है। उनके मुताबिक शास्त्रीय संगीत के साज में संतूर को इतना ऊंचा स्थान दिलवाना पंडित शर्मा के बलबूते की ही बात थी। वे शुरुआत के दिनों में तबला वादक भी थे। उन्होंने दुनिया को यह बात बताई कि सौ तारों के साज पर क्या-क्या संभव है। उनकी प्रस्तुति विद्वतापूर्ण हुआ करती थी।
पंडित भट्ट ने बताया कि शर्मा ने शास्त्रीय संगीत के अलावा बॉलीवुड की कई फिल्मों में हरि प्रसाद चौरसिया के साथ जोड़ी बनाकर कमाल का संगीत दिया। अच्छे स्वभाव के कलाकार विरले ही पैदा होते हैं। हजारों साल तक उनका संगीत हमारे साथ रहेगा।
सप्तक की संरक्षिका मंजू मेहता ने कहा कि पंडित शिवकुमार शर्मा के निधन से संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। इसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पंडित शर्मा सप्तक परिवार के सदस्य ही नहीं बल्कि एक कुशल मार्गदर्शक भी थे। सप्तक से वे लंबे समय से जुड़े थे। सरल और मृदुभाषी स्वभाव के पंडित शर्मा के निधन से संतूर वादन के एक युग की समाप्ति हो गई है। उनकी लयकारी के सभी लोग प्रशंसक थे। सप्तक में उन्होंने 40 से ज्यादा बार प्रस्तुति दी थी।
पंडित शर्मा ने सप्तक समारोह के दौरान एक बार कहा था कि उन्हें खुद पता नहीं है कि वे कितने वर्षों से यहां प्रस्तुति दे रहे हैं। यह दुनिया का एकमात्र ऐसा कार्यक्रम है जो 13 दिनों तक चलता है। शिव कुमार शर्मा के साथ-साथ उनके पुत्र व संतूर वादक राहुल शर्मा भी सप्तक में प्रस्तुति देते रहे हैं।