अब बिछेगी कासा-भीलडी रेल लाइन, राणकी वाव हेरिटेज स्मारक से अटकी थी लाइन, - रेल मंत्रालय व पुरातत्व विभाग ने की जमीन की अदला-बदली
अहमदाबाद. राणी की वाव और सहस्रलिंग तालाब जैसे हेरिटेज स्मारकों के चलते छह दशक से ज्यादा समय से कासा-भीलडी के बीच रेल लाइन बिछाने का मामला अटका था, लेकिन अब रेल मंत्रालय और पुरातत्व विभाग ने जमीन की अदला-बदली कर इस मामले को सुलझा लिया है। इसके चलते अब पाटण में कासा-भीलडी के बीच रेलवे लाइन बिछाने का रास्ता साफ हो गया है। यह रेलवे लाइन बिछाने के बाद पाटण-महेसाणा- बनासकांठा और राजस्थान के जालोर के बाशिंदों को फायदा होगा। इन चारों जिलों का तीव्रता से विकास होगा। यह दावा किया जा रहा है कि अहमदाबाद पश्चिम के सांसद डॉ. किरीट सोलंकी और पाटण विकास परिषद की पहल से सफलता मिली है।
डॉ. किरीट सोलंकी इसे ऐतिहासिक सफलता बताते हुए कहा कि पाटण में जानकारी दी कि वर्ष 1955 से पाटण में कांसा-भीलडी रेलवे पटरी बिछाने का मामला अटका था, लेकिन अब पाटण के निकट रेलवे एवं पुरातत्व विभाग के बीच समझौता हो जाने से 50 किलोमीटर की रेलवे लाइन आगामी माह में साकार होगा।
सोलंकी ने कहा कि राणकी वाव एवं सहस्रलिंग तालाब के पुरातत्विक स्मारक के चलते यह प्रोजेक्ट अटका पडा था। अब समझौते के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) रेलवे को 566 वर्गमीटर जमीन देगी इसी तरह से एएसआई भी अपनी 566 वर्गमीटर जमीन रेलवे को देगा। इसके जरिए रेलवे को लाइन बिछाने में आसानी होगी। इन विभागों ने करीब 46 लाख 69 हजार 500 रुपए की जमीन का एकदूसरे से अधिग्रहण करेंगे। पाटण के जिला कलक्टर आनंद पटेल ने कहा कि इस समझौते से पाटण विकास की नई ऊंचाइयां छुएगा। पाटण की भविष्य उज्जवल और विकासशील होगा। भविष्य में पाटण में नया रेलवे स्टेशन, पाटण-मुंबई के बीच रेलवे सुविधाएं विकसित होंगी।
००० पांच स्टेशनों के पूरे प्लेटफार्म पर होंगे कवरशेड
भावनगर. लम्बे समय से चल रही मांगों और रेलयात्रियों को परेशानी से निजात दिलाने के लिए भावनगर रेल मंडल के पांच स्टेशनों के भावनगर टर्मिनस, बोटाद, जूनागढ़, वेरावल और पोरबंदर के पूरे प्लेटफार्म पर कवरशेड की व्यवस्था की जा रही है। इन स्टेशनों पर रेलयात्रियों की संख्या ज्यादा है. पर्याप्त कवरशेड नहीं होने से असुविधा होती है। इसके चलते मंडल रेल प्रबंधक रूपा श्रीनिवासन ने इन स्टेशनों के प्लेटफार्म पर कवरशेड करने के आदेश दिए। यह कार्य पूर्ण होने से रेलयात्रियों को सुविधा मिलेगी।
भावनगर टर्मिनस में प्लेटफार्म नंबर एक और दो, बोटाद जंक्शन पर प्लेटफार्म नंबर एक, दो-तीन और 4, जूनागढ़ में प्लेटफार्म नंबर एक और दो, वेरावल में प्लेटफार्म नंबर 1, 2 और 3 तथा पोरबंदर स्टेशन के प्लेटफार्म 1 पर कवरशेड किया जाएगा।