
अहमदाबाद. डाक विभाग के उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के सभी मण्डल अध्यक्षों के वित्तीय वर्ष 2026-27 के अब तक के कार्यों की समीक्षा की गई। उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने क्षेत्रीय कार्यालय, अहमदाबाद में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनसेवा से डिजिटल सेवा तक, डाक विभाग नवाचार द्वारा बदलते भारत के साथ कदमताल कर रहा है।
उत्तर गुजरात में डाकघरों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए आरंभ 'पोस्टल वारियर्स अभियान', बिज़नेस की श्रेणीवार समीक्षा की गई। उन्होंने इस बात की प्रशंसा की कि समग्र वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व लक्ष्य 349.51 करोड़ रुपए के सापेक्ष अगस्त-2026 तक उत्तर गुजरात डाक परिक्षेत्र ने 110.85 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है, जो गत वर्ष की अपेक्षा 55 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है।
उन्होंने पोस्ट ऑफिस काउंटर्स पर डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ाने, पोस्टमैनों द्वारा डिलीवरी मोबाइल ऐप के माध्यम से डिलीवरी, डी प्लस जीरो में स्पीड पोस्ट और पार्सल के त्वरित वितरण, पीएम विश्वकर्मा टूल किट्स की डोर स्टेप डिलीवरी की सतत मानिटिरिंग, सेवाओं की प्रभावी मार्केटिंग रणनीति बनाने, सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से सुगम डिजिटल बैंकिंग पर भी जोर दिया।
उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के डाकघरों में वित्तीय समावेशन के तहत इस वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 5.10 लाख नए बचत खाते व 15,700 सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए। डाक जीवन बीमा में 145 करोड़ रुपए व ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 27 करोड़ रुपए की कुल प्रीमियम राशि जमा हुई। 1.83 लाख लोगों ने डाकघर के माध्यम से आधार सेवाओं का लाभ उठाया। स्पीड पोस्ट से 25.15 करोड़ रुपए व पार्सल से 17.20 करोड़ रुपए, अंतरराष्ट्रीय डाक सेवा से 5.96 करोड़ रुपए और सिटीजन सेंट्रिक सर्विस से 7.80 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। उत्तर गुजरात में अभी तक 1346 गांवों को 'सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम' और 902 गांवों को 'सम्पूर्ण बीमा ग्राम' व 651 गांवों को ‘सम्पूर्ण बचत ग्राम' बनाया जा चुका है।