अहमदाबाद

Ahmedabad: शहर में हर साल सहेजे जाएंगे 35 करोड़ लीटर बारिश के पानी, मनपा की 1750 इमारतों में लगेगा हार्वेस्टिंग सिस्टम

वर्षा जल को शुद्ध करने के लिए स्टेनलेस स्टील आधारित वेज वायर स्क्रीन और ट्रिपल फिल्टर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए पत्तियां, प्लास्टिक और अन्य अशुद्धियां अलग की जाएंगी। एक्टिवेटेड कार्बन और फिल्टर सैंड की मदद से पानी को भूजल रिचार्ज के लिए उपयुक्त बनाया जाएगा।

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Rainwater harvesting systems will be installed in 1,750 buildings of the Municipal Corporation.
मनपा की एक इमारत में लगा सिस्टम।

अहमदाबाद: तेजी से बढ़ते शहरीकरण और गिरते भूजल स्तर के बीच अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) ने जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शहर में चल रहे 'कैच द रेन' अभियान के तहत मनपा की करीब 1750 सार्वजनिक इमारतों में रूफ-टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। योजना पूरी तरह लागू होने के बाद हर वर्ष लगभग 35 करोड़ लीटर वर्षा जल के संरक्षण का लक्ष्य रखा गया है।मनपा अधिकारियों के अनुसार परियोजना का करीब 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और आगामी मानसून से पहले लगभग 1000 इमारतों में यह प्रणाली चालू हो जाएगी। शेष भवनों में चरणबद्ध तरीके से काम पूरा किया जाएगा।

सरकारी भवनों की छतों से सीधे जमीन में पहुंचेगा पानी

योजना के तहत मनपा मुख्यालय, जोनल एवं वार्ड कार्यालय, सरकारी अस्पताल, स्कूल, पुस्तकालय, अर्बन हेल्थ सेंटर और जल पंपिंग स्टेशन जैसी सार्वजनिक इमारतों को शामिल किया गया है। इन भवनों की छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को एकत्र कर विशेष फिल्ट्रेशन प्रक्रिया से शुद्ध किया जाएगा और बाद में रिचार्ज वेल तथा रिचार्ज ट्यूबवेल के माध्यम से भूजल स्तर बढ़ाने के लिए जमीन में उतारा जाएगा।

अत्याधुनिक फिल्टर तकनीक का होगा उपयोग

वर्षा जल को शुद्ध करने के लिए स्टेनलेस स्टील आधारित वेज वायर स्क्रीन और ट्रिपल फिल्टर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए पत्तियां, प्लास्टिक और अन्य अशुद्धियां अलग की जाएंगी। एक्टिवेटेड कार्बन और फिल्टर सैंड की मदद से पानी को भूजल रिचार्ज के लिए उपयुक्त बनाया जाएगा।

300 सिस्टम के माध्यम से बचा था 2.9 करोड़ लीटर पानी

मनपा के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष मानसून के शुरुआती 30 दिनों में केवल 300 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से करीब 2.9 करोड़ लीटर वर्षा जल का संरक्षण किया गया था। इसी अनुभव के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि 1750 सिस्टम पूरी क्षमता से कार्यरत होने पर औसत 30 इंच बारिश में लगभग 35 करोड़ लीटर पानी का संचय संभव होगा।

जलभराव, जल संकट दोनों से मिलेगी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भूजल स्तर सुधारने के साथ-साथ शहरी जलभराव की समस्या को कम करने में भी मददगार साबित होगी। बारिश का पानी सीधे ड्रेनेज और नदी में बहने के बजाय जमीन में समाहित होगा। इससे भविष्य में पेयजल आपूर्ति पर दबाव कम होगा और उद्यानों, सफाई तथा अन्य गैर-पेय उपयोगों के लिए भी पानी की उपलब्धता बढ़ेगी।

अब निजी सोसाइटियों तक पहुंचेगा अभियान

मनपा आगामी समय में राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्वर्णिम योजना के तहत जनभागीदारी मॉडल पर निजी आवासीय सोसायटियों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने की योजना बना रही है। परियोजना में पांच वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव का भी प्रावधान रखा गया है।

Published on:
04 Jun 2026 11:00 pm