Rajasthan youth protest outside of Gujarat Congress office राजस्थान के युवाओं का आंदोलन पहुंचा अहमदाबाद, हिरासत में लेकर कुछ घंटों बाद छोड़ा
Ahmedabad. गुजरात विधानसभा चुनाव में गुजरात में बेरोजगारी, महंगाई, अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने जैसे मुद्दे तो हावी हैं ही, शनिवार को राजस्थान के मुद्दों की भी गूंज सुनाई दी। दरअसल राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के उपेन यादव की अगुवाई में राजस्थान के सैकड़ों युवक पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर दांडी यात्रा कर रहे हैं। यह यात्रा 150 किलोमीटर का सफर तय कर करीब सात दिन बाद अहमदाबाद पहुंची। राजस्थान से पैदल चलकर अहमदाबाद पहुंचे राजस्थान के इन युवकों ने शहर के पालडी इलाके में स्थित गुजरात प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। रामधुन भी की। इन आंदोलनकारियों का कहना है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री सहित कई मंत्री इस समय गुजरात में विधानसभा चुनाव को लेकर में सक्रिय हैं। ऐसे में जब राजस्थान में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है तो वह अपनी आवाज सुनाने के लिए गुजरात पहुंचे हैं, ताकि यहां चुनावी माहौल में शायद उनकी आवाज राजस्थान के मुख्यमंत्री को सुनाई दे जाए। ये युवक बजट में घोषित और मंत्रियों की ओर से की गई घोषणाओं पर आधारित 20 मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
अब भारत जोड़ो यात्रा की ओर कूच की घोषणा
गुजरात प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरना, प्रदर्शन करने वाले राजस्थान के इन युवाओं को अहमदाबाद शहर पुलिस ने मंजूरी बिना प्रदर्शन करने के चलते हिरासत में ले लिया। कुछ घंटे हिरासत में रखने के बाद इन्हें शाम को छोड़ा गया। आंदोलन की अगुवाई करने वाले उपेन यादव ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि हिरासत के दौरान ही युवाओं को बाहर से लाकर खाना खिलाया गया। यादव ने कहा कि अब वे राजस्थान नहीं लौटेंगे। अहमदाबाद से वे कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी की ओर से निकाली जा रही भारत जोड़ो यात्रा की ओर कूच करेंगे। वहां राहुल गांधी को अपनी मांगों से अवगत कराएंगे।
ये हैं प्रमुख मांगें
कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती में 40 प्रतिशत की बाध्यता में शिथिलता देकर सभी रिक्त पदों को भरा जाए। ,राजकीय आईटीआई में 1500 पदों पर कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती घोषणा की अधिसूचना जारी हो।, ई-मित्र ऑपरेटर अभ्यर्थियों की मांगों को माना जाए।,अध्यापक भर्ती में विशेष शिक्षकों के अधिक से अधिक पद निकाले जाएं, भर्ती परीक्षाओं में ओबीसी, ईडब्ल्यूएस के नवीनतम सर्टिफिकेट को मान्य किया जाए, किसी भी चयनित अभ्यर्थी को सर्टिफिकेट की वजह से बाहर नहीं किया जाए। नई भर्तियां निकाली जाएं।