गुजरात में सड़क हादसों से जुड़े ट्रोमा मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। राज्य के 108 इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (ईएमएस) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अप्रेल 2026 के बीच वाहन दुर्घटनाओं से जुड़े ट्रोमा केसों की संख्या 73815 रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 58780 था।
गुजरात में सड़क हादसों से जुड़े ट्रोमा मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। राज्य के 108 इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (ईएमएस) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अप्रेल 2026 के बीच वाहन दुर्घटनाओं से जुड़े ट्रोमा केसों की संख्या 73815 रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 58780 था। महज चार माह में ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए 15 हजार से अधिक लोगों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पतालों तक पहुंचाया गया।वाहन हादसों के मामलों में सबसे अधिक वृद्धि अहमदाबाद और सूरत जिलों में देखने को मिली। अहमदाबाद में 2025 के ट्रोमा के 9591 मामलों की तुलना में 2026 में 11093 केस दर्ज हुए। वहीं सूरत में 6385 से बढ़कर 7423 केस सामने आए। इसी तरह राजकोट, वडोदरा और कच्छ जिलों में भी ट्रोमा मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
अन्य जिलों में भी स्थिति चिंताजनक है। दाहोद में 1835 से बढ़कर 2 569 केस, कच्छ में 1662 से बढ़कर 2680 केस और वलसाड में 1932 से बढ़कर 2519 केस दर्ज हुए। यह दर्शाता है कि सड़क सुरक्षा की समस्या केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक सड़क हादसों के प्रमुख कारणों में यातायात नियमों की अनदेखी और सड़क पर लापरवाही शामिल हैं। सड़क हादसों में वृद्धि चिंता का विषय बनता जा रहा है।
-कुल ट्रोमा केस: वर्ष 2025 में 58780
-वर्ष 2026 में 73815 केस
-वृद्धि लगभग 15000 केस (25 प्रतिशत बढ़ोतरी)
-सबसे अधिक वृद्धि वाले जिले:
-अहमदाबाद में 1502 केस बढ़े
-सूरत में 1038 केस
-कच्छ में 1018 केस
-दाहोद में 734 केस
-वलसाड में 587 केस
कुल जिलों में वृद्धि: 33 में से लगभग सभी जिलों में ट्रोमा मामलों में बढ़ोतरी दर्ज (स्त्रोत: इमरजेंसी 108 एम्बुलेंस सेवा)