
Ahmedabad. सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए नाबालिग लड़कियों से दोस्ती करके उन्हें जोधपुर शहर से ट्रेन के जरिए बेंगलुरु ले जाने की कथित योजना का रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पर्दाफाश किया। ‘ऑपरेशन सेवा’ के तहत आरपीएफ अहमदाबाद मंडल ने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया। इस मामले में दो आरोपियों आकिब अंसारी (24) और सैयद इब्राहिम को गिरफ्तार किया गया जो बेंगलूरु के रहने वाले हैं।
आरपीएफ अहमदाबाद के अनुसार 13 अगस्त को जोधपुर शहर के पुलिस थाना कुड़ी भगतासनी से दो नाबालिग लड़कियों के लापता होने की सूचना मिली थी। उनके ट्रेन से यात्रा करने की आशंका जताई गई थी। सूचना के तहत आरपीएफ निरीक्षक ने विशेष टीम गठित करते हुए अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर जोधपुर-केएसआर बेंगलूरु एक्सप्रेस ट्रेन (सं.20693)के पहुंचने पर जांच शुरू की। इसी दौरान एक नाबालिग लड़की की पहचान हुई। उसके साथ मौजूद व्यक्ति ने आरपीएफ को देखकर भागने का प्रयास किया। टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
पकड़े जाने से पहले आरोपी ने अपना मोबाइल फोन ट्रेन से बाहर फेंक दिया। मोबाइल में मैसेज और कॉल रिकॉर्ड भी डिलीट किए गए थे। आरपीएफ ने नडियाद रेलवे स्टेशन से इस मोबाइल को खोज निकाला। मोबाइल से जरूरी डेटा रिस्टोर कर दूसरे आरोपी के मोबाइल नंबर का पता लगाया। जोधपुर पुलिस के सहयोग से दूसरे आरोपी की लाइव लोकेशन ट्रेस कर उसे अहमदाबाद रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर 1 से दूसरी नाबालिग लड़की के साथ पकड़ लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए नाबालिग लड़कियों से दोस्ती की थी। फिर उन्हें उनके घर से लाकर जोधपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के जरिए बेंगलुरु ले जाने की योजना थी। आरोपियों के मोबाइल फोन से ‘आर्यन’ नाम का फर्जी ई-आधार कार्ड और दोनों नाबालिग लड़कियों के आधार कार्ड की तस्वीरें भी बरामद हुई हैं।
दोनों नाबालिग बालिकाओं और दोनों आरोपियों को आरपीएफ पोस्ट अहमदाबाद लाया गया। जोधपुर शहर के कुड़ी भगतासनी थाना को सूचना देने के बाद दोनों बालिकाओं और आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित मेमो के जरिए जीआरपी अहमदाबाद को सौंपा है। यहां से जोधपुर पुलिस टीम को सौंपा जाएगा।