-राणीप थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी, जेल में तलाशी लेने वाली टीम के कार्य पर भी उठे सवाल, कड़़े पहरे में बंद गैंगस्टर गोस्वामी की बैरेक से मिला आइफोन, व अन्य मोबाइल
Ahmedabad. राज्य की सबसे सुरक्षित जेलों में मानी जाने वाली साबरमती सेंट्रल जेल की सुरक्षा पर सवाल उठने वाली घटना सामने आई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि साबरमती जेल की हाइ सिक्युरिटी बैरेक से एक नहीं बल्कि दो मोबाइल फोन मिले हैं। इसमें भी एक आइफोन है, जबकि दूसरा कीपैड वाला सादा मोबाइल फोन है। यह मोबाइल फोन गैंगस्टर विशाल गोस्वामी की बैरेक से बरामद हुए हैं।
इस संबंध में राणीप थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई है। साबरमती जेल की तलाशी स्क्वॉड के प्रभारी मोहसिनखान पठान ने प्राथमिकी दर्ज कराई। एफआइआर के तहत 7 जनवरी को सुबह 10.05 से 10.40 के दौरान साबरमती जेल के पुरानी जेल परिसर में हाइ सिक्युरिटी बैरेक में खोली नंबर-1 से यह मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इसमें एक आइफोन, एक सादा मोबाइल फोन शामिल है। मोबाइल फोन के चार्जर, चार्जिंग केबल, एक टूटा सिमकार्ड और एक चालू सिमकार्ड भी बरामद हुआ है।
एफआइआर के तहत तलाशी स्क्वॉड की टीम छह जनवरी को रुटीन तलाशी अभियान की प्रक्रिया कर रही थी। इस दौरान साबरमती जेल की पुरानी जेल परिसर में स्थित हाइ सिक्योरिटी बैरेक में खोली नंबर एक में बंद कैदी (गैंगस्टर) विशाल गोस्वामी का शंकास्पद व्यवहार लगा। ऊपरी तौर पर देखने पर कुछ नहीं लगा लेकिन शंका होने के चलते विशाल गोस्वामी को उस बैरेक से निकाल कर उसकी बैरेक सील कर दी और उसे अन्य बैरेक में रखा। उसके बाद सात जनवरी की सुबह उसकी बैरेक में जांच की गई। तलाशी टीम की ओर से जांच करने पर गोस्वामी की खोली नंबर 1 की छत की सीमेंट प्लाई टूटी नजर आई। उसमें डिब्बा मिला, जिसे खोलने पर उसके अंदर से दो फोन , चार्जिंग केबल, सिमकार्ड,चार्जर मिले। एक आइफोन था।
साबरमती जेल की ऊंची चार दीवारी के बीच हाइ सिक्युरिटी बैरेक में दो मोबाइल फोन कैसे पहुंचे यह जांच का विषय है। आशंका है कि गोस्वामी ही नहीं हाइ सिक्युरिटी बैरेकों में बंद और कैदियों ने भी इन मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया हो सकता है। इसकी जांच होने पर कई अहम खुलासे हो सकते हैं। इसके चलते इस संबंध में राणीप थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
साबरमती जेल के प्रभारी जेल अधीक्षक एवं डिप्टी जेलर जे.एम.चावडा ने बताया कि विशाल गोस्वामी के बैरेक से फोन मिलने पर जांच के लिए राणीप थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई है। वह कब से फोन यूज कर रहा था, उसकी जांच होगी। इस संबंध में जेल की अंदरूनी प्रक्रिया के तहत भी खाटला प्रक्रिया की कार्रवाई की जाएगी। उसकी बाहरी लोगों से मुलाकात, फोन पर बातचीत सहित अन्य सुविधाएं भी बंद हो सकती हैं इसलिए उसका बैरेक बदल दिया गया है।